आतंकवादियों में विधवा को लेकर विवाद, गोलाबारी में 8 मरे
समाचार एजेंसी एकेआई के हवाले से आतंकवादी सूत्रों ने बताया है कि मरने वालों में ब्रिटिश पत्रकार असद कुरैशी को अगवा करने वाला उस्मान पंजाबी भी शामिल है।
ड्रोन हमले में अरब के एक आतंकवादी के मारे जाने के बाद उसके पीछे रह गई उसकी विधवा को लेकर पंजाबी (गैर-पश्तून पाकिस्तानी) और महसूद (स्थानीय कबायली) के बीच तनाव था।
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "विधवा धनवान थी और पति की मृत्यु के बाद वह अकेली हो गई थी। स्थानीय महसूद के कबायली उसे अपनी हिफाजत में रखना चाहते थे और उनका मकसद अपने बीच के एक व्यक्ति से उसका विवाह कराना था। उस्मान पंजाबी ने इसका विरोध किया और जोर दिया कि उसे इस बात के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया जाए कि वह महसूद कबायलियों में से किसी से विवाह करे या न करे।"
इस मसले पर विचार-विमर्श के लिए शनिवार सुबह रमजान की सेहरी के बाद मेहसूद कबायली लोग और पंजाबी के समर्थक अफगानिस्तान के नजदीक उत्तरी वजीरिस्तान के दांडे दर्पा खेल स्कूल में इकट्ठे हुए।
विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने बंदूकें निकाल लीं और गोलीबारी शुरू कर दी। इस गोलाबारी में उस्मान पंजाबी सहित आठ लोग मारे गए।
उस्मान पंजाबी ने पूर्व आईएसआई अधिकारी खालिद ख्वाजा, कर्नल ईमाम और ब्रिटिश पत्रकार असद कुरैशी को अगवा किया था।
अफगानी तालिबानी नेता मुल्ला उमर के निर्देशों के बावजूद उस्मान ने अगवा लोगों को रिहा नहीं किया था और अब तक उन लोगों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications