आतंकवादियों के निशाने पर थी कनाडा की संसद
टोरंटो, 28 अगस्त (आईएएनएस)। कनाडा में बुधवार को दो संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद अलकायदा की जिस साजिश का खुलासा हुआ है उससे संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों के निशाने पर संभवत: कनाडा की संसद थी।
पुलिस ने इस साजिश में शामिल दो और आतंकवादियों को गुरुवार और शुक्रवार को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया। इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुल आतंकियों की संख्या चार हो गई है। साजिश में शामिल तीन अन्य लोग अभी तक स्वतंत्र हैं, सुरक्षा एजेंसियों के इनके पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान और दुबई में होने की जानकारी दी है।
गिरफ्तार आतंकियों में ईरानी मूल के 30 वर्षीय हिवा मोहम्मद अलीजादेह और भारतीय मूल के बताए जा रहे 26 वर्षीय मिसबाहुद्दीन अहमद पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है और 28 वर्षीय खुर्रम खान पर साजिश के लिए उकसाने का आरोप है।
खान पाकिस्तानी मूल है और उसने 2008 में कनाडियन आइडल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गये संदिग्ध आरोपी पर अभी आरोप तय नहीं किए गए हैं।
कनाडाई पुलिस के करीब 100 कर्मियों द्वारा करीब एक साल तक निगरानी के बाद यह गिरफ्तारियां की गई हैं। पुलिस ने 'प्रोजेक्स समोसा' नाम के अभियान के तहत इन आरोपियों की गिरफ्तारी की और इनके पास से 50 इलेक्ट्रानिक सर्किट बरामद किए जिनका इस्तेमाल विस्फोटक उपकरण बनाने में किया जाना था।
पुलिस का कहना है कि आतंकवादी कुछ ही महीनों में कनाडा में पहला आतंकवादी हमला कर सकते थे। अफगानिस्तान में संयुक्त सेनाओं पर हमले का षडयंत्र भी इस गिरोह की साजिश में शामिल था।
संदिग्धों से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि कनाडा की संसद उनके निशाने पर थी।
स्थानीय समाचार पत्र 'डेली नेशनल पोस्ट' के मुताबिक सुरक्षा अधिकारियों ने कहा, "वे संसद पर हमला करना चाहते थे, उन्होंने मांट्रियल के सार्वजनिक परिवहन के बारे में भी बात की और ओटावा के कुछ प्रमुख केंद्रों पर हमले की साजिश से भी इंकार नहीं किया।"
इस गिरोह का प्रमुख आतंकी अन्य सदस्यों से बातचीत करने के लिए ओटावा की सार्वजनिक लाइब्रेरी के कम्प्यूटर का इस्तेमाल करता था ताकि वह निगरानी से बच सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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