ममतामयी मदर टेरेसा को समर्पित ‘मदर एक्सप्रेस'
नई दिल्ली। मदर टेरेसा और भारत का जुड़ाव अटूट है। भारत, मदर टेरेसा की कार्यभूमि थी। हालांकि मदर भारत में नहीं जन्मीं थीं लेकिन उन्होने अपना पूरा जीवन कलकत्ता में दुखियों की सेवा में अर्पित कर दिया। मदर टेरेसा का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति थी। आज भी कोई उनकी जगह नहीं ले सका।
भारतीय रेलवे ने ख्यातिप्राप्त समाजसेवी मदर टेरेसा की जन्म शताब्दी को यादगार बनाने के लिए 'मदर एक्सप्रेस" नामक एक प्रदर्शनी रेलगाड़ी चलाने का निर्णय लिया है। मदर टेरेसा एक कैथोलिक नन थी जिन्होंने कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरीटी की स्थापना की। उन्होने 47 वर्षो से भी अधिक समय तक गरीबों, बीमारों, अनाथों और वंचितों की निरंतर सेवा की।
भारतीय रेल की ओर से मदर एक्सप्रेस उनके प्रति एक श्रद्धांजलि होगी। इसके माध्यम से इस महान आत्मा के जीवन और महान कार्यो को दर्शाया जाएगा। उन्हें वर्ष 1979 में नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और उनके मानवतावादी कार्यो के लिए वर्ष 1980 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।












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