राहुल किसानों के बीच पहुंचे, मदद का आश्वासन (लीड-1)
गांधी ने टप्पल गांव पहुंचकर मायावती सरकार एवं अलीगढ़ के किसानों को चौंका दिया। यह वही गांव है, जहां किसान अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
किसान टप्पल में पिछले तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि की मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
राहुल सबसे पहले टप्पल के उस स्थल पर गए जहां अलीगढ़ और पड़ोसी जिलों के सैकड़ों किसान धरना दे रहे हैं।
राहुल ने प्रदर्शनकारी किसानों को आश्वासन दिया कि उन्हें कांग्रेस पार्टी का पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ हैं और न्याय की उनकी लड़ाई में सहयोग देने को तैयार हैं।
राहुल ने उसके बाद मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए विभिन्न गांवों का दौरा किया। उल्लेखनीय है कि 14 अगस्त को पुलिस गोलीबारी में 12 वर्षीय किशोर सहित दो लोगों की मौत हो गई थी।
राहुल ने जिकरपुर गांव में किसानों से कहा, "मैं आपकी समस्या को उचित मंच पर उठाने की हर संभव कोशिश करूंगा।"
क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश की परवाह किए बिना नई दिल्ली से 110 किलोमीटर का सफर तय कर राहुल गांव-गांव घूमे जहां किसानों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
ताहरपुर गांव में किसानों ने आरोप लगाया कि मायावती सरकार उन बिल्डरों की मदद कर रही है जो हमारी जमीन हड़पना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कुछ अधिकारी भी इस उम्मीद में जमीन खरीद रहे हैं कि बाद में उन्हें काफी मुनाफा होगा।
कुछ किसानों ने कहा कि वे मुआवजे के बदले अपनी जमीन बेचना नहीं चाहते, क्योंकि वही उनके जीविकोपार्जन का एक मात्र साधन है।
इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से नई दिल्ली और आगरा के बीच की दूरी लगभग 90 मिनट में तय हो जाने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेस-वे गौतम बुद्धनगर (नोएडा), अलीगढ़, महामाया नगर (हाथरस) और मथुरा से होते हुए गुजरेगा। इसके निर्माण के लिए 115 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मुआवजे की राशि 449 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 570 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी, लेकिन किसान ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर 880 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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