जानलेवा बुखार ने 9 लोगों की जिंदगी छीनी
मुजफ्फरनगर में बरसात के मौसम के साथ ही जानलेवा बुखार ने 24 घंटे में 9 लोगों को लील लिया है। कस्बा कैराना व पुरकाजी क्षेत्र में तीन-तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि शामली में बुखार से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मीरांपुर में दो की मौत हुई है।
पुरकाजी कस्बे गांव अब्दुलपुर निवासी मामराज के बेटे सौरभ (14), ब्रिजेश (15) व गुड़िया (12) की बुखार व पेट दर्द की शिकायत के बाद मौत हो गई। सुमित (32), छोटी (20), छोटन (29), निधि (5) व अनुज (6) को उपचार के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
पुरकोजी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. बी.के. ओझा ने बताया कि गांव में 255 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई है। 95 की रक्त की पट्टिकाएं बनाई गई है। कैराना कस्बे के गांव अकबरपुर सुन्हैरी में भी जानलेवा बुखार का कहर बढ़ रहा है। वहां एक महिला अख्तरी (35) की बुखार के बाद मौत हो गई है।
इसी गांव में रिफकात की बेटी साइना तथा जबरदीन की मौत हो गई। अकबरपुर सुन्हैरी व पढेड दभिडी खुर्द में ग्रामीणों के अनुसार 50 से अधिक ग्रामीण जानलेवा बुखार से पीड़ित हैं। मीरापुर कस्बे में दो व शामली में एक युवक की मौत हुई है।
मुजफ्फरनगर के विधायक अशोक कंसल को भी डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है। वह एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित हैं। उनकी प्लेटलेट्स 19 हजार पहुंच गई है।
मेरठ अस्पताल में उपचार के बाद उनकी हालत में कुछ सुधार है। जानलेवा बुखार से हो रही मौतों पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आनंद स्वरूप का कहना है कि मौत के सही कारणों के लिए जांच की जा रही है। गांव में स्वास्थ्य टीम भ्रमण कर उपचार कर रही है।
अकबरपुर गांव के ग्रामीण मौ. फरमान, कासिम अली, पठेड के जाऊल का आरोप है कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा रही है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों की बुखार से हो रही मौत की रोकथाम की कोई योजना नहीं है। संक्रामक विभाग का कंट्रोल रूम भी सफेद हाथी बना हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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