कश्मीर में दंगाइयों से निपटने के लिए शीघ्र कम घातक हथियार
श्रीनगर, 22 अगस्त (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में जारी हिंसा में अब तक 62 नागरिकों की मौत के बाद वहां तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बल दंगाइयों से निपटने के लिए शीघ्र ही गैर घातक हथियारों का उपयोग करने जा रहे हैं। परंतु इन हथियारों के प्रभावी होने के बारे में संदेह है।
भारतीय वायुसेना का एक विमान शनिवार को गैर परंपरागत हथियारों को लेकर श्रीनगर पहुंचा। पिछले दो महीने से जारी हिंसा से निपटने के लिए इन हथियारों को तत्काल पुलिस में वितरित किया जाएगा।
इन हथियारों में अमेरिका निर्मित टेजर गन भी शामिल है जिससे नौ वोल्ट की शक्ति का करेंट निकलता है। इससे कोई प्रदर्शनकारी थोड़ी देर के लिए संज्ञा शून्य हो जाता है और उसे कोई बड़ा नुकसान पहुंचाए बिना पकड़ा जा सकता है।
दंगाइयों को नियंत्रित करने के अन्य गैर घातक हथियारों में पम्प एक्शन गन (पीएजी) शामिल है।
अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीएजी प्रदर्शनकारियों पर रोड़े दागती है। पुलिस ने पेपर बाल का भी उपयोग शुरू किया है। इससे निकलने वाला भारी धुआं प्रदर्शनकारियों को तितर बितर होने के लिए विवश कर देता है।
सुरक्षा बलों के गैर घातक हथियारों के उपयोग के बारे में अधिकारी ने बताया कि कम दूरी से यदि इन हथियारों का उपयोग किया गया तो ये भी घातक साबित हो सकते हैं। यदि पर्याप्त दूरी से इनका उपयोग नहीं किया गया तो मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
अधिकारी ने कहा कि इन हथियारों के प्रभावी होने के बारे में विवाद है। खासकर उस अवस्था में जब भीड़ सुरक्षाकर्मियों के हथियारों को छीनने का प्रयास करती है।
उन्होंने स्वीकार किया कि घाटी में आंसू गैस के गोलों से 10 लोगों की मौत हुई जबकि पूरे देश में इनका उपयोग हो रहा है उनसे कोई मौत नहीं हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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