अल्जीरिया ने निवेश के लिए भारत को आमंत्रण दिया
भारत में अल्जीरिया के राजदूत एचारिफ मोहम्मद हेकेन ने कहा, "हमें 4,000 किलोमीटर की लंबाई वाली इस परियोजना के लिए यूरोप से बाहर के सहयोगियों की भी जरूरत है।"
आईएएनएस से साक्षात्कार के दौरान हेकेन ने कहा, "हमें उम्मीद है कि भारतीय कंपनियां रुचि दिखाएंगी, न सिर्फ पूंजी निर्माण के लिए बल्कि क्षमता विस्तार के लिए भी।"
उन्होंने कहा कि अल्जीरिया विश्व में प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के साथ हमारे कुछ अच्छे अनुभव हैं। कंपनी ने अल्जीरिया की कंपनी सोनाट्रेच के साथ तीन अरब डॉलर का समझौता किया है।
सरकारी क्षेत्र की दो कंपनियां लीबिया में तेल ब्लॉकों की बोली जीती है। दुनिया की कुछ बड़ी कंपनियों में इस परियोजना में रुचि दिखाई है। इनमें रूस की गाजप्रोम, इटली की ईएनआई, फ्रांस की टोटल और एंग्लो-डच कंपनी रॉयल डच शेल ने शामिल हैं।
नाइजीरिया में दुनिया के सातवें सबसे ज्यादा प्राकृतिक गैस के भंडार हैं। नाइजीरिया इस परियोजना के लिए 130-150 खरब क्यूबिक फुट गैस उपलब्ध कराएगा।
राजदूत ने कहा कि हम नए साझेदार क्यों चाहते हैं इसका जवाब बिल्कुल साधारण है। "स्पेन हमारी सीमा से केवल 180 किलोमीटर दूर है। हमारी अर्थव्यवस्था पर यूरोपीय दबाव काफी ज्यादा है जो हमें कमजोर करता है। इसलिए हम नए साझेदार चाहते हैं।"
उन्होंने कहा कि हम भारत और अर्जेटीना के बीच द्विपक्षीय व्यापार चाहते हैं। हम आपसी व्यापार को अगले तीन साल में मौजूदा दो अरब डॉलर से बढ़ाकर पांच अरब डॉलर करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "भारत एक बहुत अच्छा साझेदार है क्योंकि हमारे बीच राजनीतिक विश्वास का स्तर काफी मजबूत है। ऐसा हमने पहले कई बार देखा है जब हमें विदेशी मदद की जरूरत पड़ी तो यूरोप ने हमें इंकार कर दिया और भारत ने मदद उपलब्ध कराई। यह विश्वास की बात है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications