डाओ केमिकल्स पर सरकार नहीं लगा सकती प्रतिबंध!
नई दिल्ली। अमेरिकी अधिकारी द्वारा योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया को किए गए मेल के सामने आ ने के बाद इस बात के स्पष्ट सबूत मिल चुके हैं कि भारत सरकार भोपाल गैस मुद्दे पर अंतरार्ष्ट्रीय दबाव में है। मामला खुलने पर ये भी सामने आया है कि सरकार के पास 'डाउ केमिकल्स' पर प्रतिबंध लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। ना तो सरकार के पास इसे प्रतिबंधित करने का कोई प्रस्ताव है और ना ही बेलैक लिस्ट करने का।
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केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीकांत जेना ने बताया, "यूनियन कार्बाइड से डाउ केमिकल्स में परिवर्तित हुई कंपनी पर प्रतिबंध लगाने या काली सूची में डालने का कोई प्रस्ताव नहीं है।" लोकसभा में एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा, "रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।" हालांकि सरकार के मुताबिक वह इस कंपनी पर नागरिक और आपराधिक दायित्वों को लागू कराने के लिए (वर्ष 1984 में हुई भोपाल गैस त्रासदी के लिए) कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
जेना ने कहा कि रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग ने मामले की सुनवाई कर रहे जबलपुर उच्च न्यायालय में घोषणापत्र दायर करके मांग की है कि डाउ केमिकल्स और अन्य आरोपियों पर दायित्व तय किए जाएं। इस मामले में दायर याचिका में यूसीआईएल, यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन अमेरिका और एवररेडी इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि जबल पुर उच्च न्यायालय ने इस मामले में यूनियन कार्बाइड कंपनी को डाओ केमिकल्स के साथ हुए समझौतों के आधिकारिक दस्तावेज अदालत में पेश करने के लिए कह है जिससे दुर्घटना के वक्त जिम्मेदार कंपनी की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।












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