'कश्मीर में सिखों की सुरक्षा की जाएगी' (राउंडअप)
उल्लेखनीय है कि हाल ही में कश्मीर घाटी में कुछ सिख परिवारों को गुमनाम पत्र भेजकर आतंकवादियों ने इस्लाम स्वीकार न करने पर घाटी छोड़ने की धमकी दी है। लोकसभा में सदन के नेता प्रणब मुखर्जी और राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सरकार की ओर से घाटी के सिखों की सुरक्षा का आश्वास दिया।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही शिरोमणि अकाली दल के रतन सिंह अजनाला ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, " सिखों ने भारत-पाकिस्तान युद्धों में सबसे अधिक बलिदान दिया है और उसके बदले में हमारे साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है।"
इस मामले पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सरकार को इस मामले की पूरी जानकारी है। न केवल घाटी के मुसलमान वरन पूरा भारत सिखों की रक्षा के लिए उठ खड़ा होगा। धमकी देने वाले आतंकवादियों की संख्या बहुत कम है और मैं आश्वस्त करता हूं कि उनके साथ कोई भी नहीं है।"
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने राज्यसभा में कहा, "हमें इस तथाकथित खतरे के बारे में जानकारी है लेकिन डरने की कोई जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री (उमर अब्दुल्ला) ने आश्वासन दिया है कि सिख समुदाय को सुरक्षा दी जाएगी।"
उन्होंने कहा कि घाटी में सिखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार से बात कर रही है।
चिदम्बरम ने कहा, "हम सदन को आश्वस्त कर रहे हैं कि सिखों को सुरक्षित करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि घाटी में सिखों पर हो रहे हमलों के बारे में उनको जानकारी है। सिख समुदाय के केवल एक व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार की खबर है।
उन्होंने कहा कि एक सिख प्रतिनिधिमण्डल ने उनसे मिलने के लिए पत्र दिया है और कुछ दिनों में वह उससे मिलेंगे।
चिदंबरम के आश्वासन पर असंतोष जताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एस.एस.अहलूवालिया ने कहा कि ऐसा ही आश्वासन पहले भी दिया गया था लेकिन कुछ भी नहीं किया गया। उन्होंने कहा, "नेताओं ने पहले भी ऐसा ही आश्वासन दिया लेकिन क्या हुआ? हम घाटी में बेहतर माहौल चाहते हैं। सरकार हर एक को सुरक्षा नहीं उपलब्ध करा सकती।"
नेशनल कांफ्रेंस के महबूब बेग ने लोकसभा में इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि पूरी कश्मीर घाटी के मुस्लिम सिख भाइयों के साथ हैं और किसी भी कीमत पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
बेग ने कहा, "इस खबर को पढ़ने के बाद मुझे भी आप जैसी तकलीफ हुई। हर कश्मीरी मुसलमान इसके खिलाफ लड़ेगा। घाटी में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए यह कुछ आतंकवादी तत्वों का षड्यंत्र है।"
घाटी में 1990 के दशक में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के उभरने पर वहां से हिंदुओं के पलायन के बाद सिख समुदाय ही वहां का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। घाटी में 60,000 सिख हैं।
सर्वदलीय सिख समन्वय समिति (एएससीसी) ने आरोप लगाया कि कई सिखों को धमकी भरे पत्र मिले हैं।
हुर्रियत के कट्टरवादी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने सिखों से कहा है कि उनको इन फर्जी पत्रों से भयभीत और उपेक्षित नहीं महसूस करना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी सिख को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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