सुकना भूमि घोटाला : सैन्य अधिकारी का होगा कोर्ट मार्शल
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। सुकना भूमि घोटाले में थलसेना ने लेफ्टिनेंट जनरल ओहदे के एक सैन्य अधिकारी के कोर्ट मार्शल का आदेश दिया है।
सैन्य अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में सिलिगुड़ी के निकट स्थित सुकना सैन्य छावनी के निकटवर्ती चाय बागान की 71 एकड़ भूमि गलत तरीके से एक रीयल एस्टेट डीलर के नाम हस्तांतरित कर दिया। यह मामला सुकना भूमि घोटाले के नाम से जाना जाता है।
सेना के 33वें बटालियन के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जी.के. रथ अब कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगे। उन्होंने रीयल एस्टेट डेवलपर दिलीप अग्रवाल को सेना की जमीन पर एक शैक्षिक संस्थान बनाने के लिए कथित तौर पर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दिया था।
सूत्रों के अनुसार कोर्ट मार्शल का आदेश जारी कर दिया गया है तथा कार्यवाही सोमवार से शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई तीन अधिकारियों की पीठ करेगी। रथ के खिलाफ दर्ज तथ्यों में उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का पुख्ता आधार पाया गया है।
जांच न्यायालय ने संकेत दिया है कि अग्रवाल को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने में रथ के अलावा पूर्व सेना सचिव सहित जनरल ओहदे के तीन अन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अवधेश प्रकाश, लेफ्टिनेंट जनरल रमेश हलगली एवं मेजर नजरल पी.के. सेन शामिल हैं।
इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने रथ को किसी तरह का राहत देने से इंकार कर दिया था। रथ ने अपने ऊपर लगाए गए 300 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले के आरोप को जांच न्यायालय में चुनौती दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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