कश्मीरी युवाओं का दर्द और गुस्सा दूर करने की जरूरत: सोनिया
कांग्रेस के संसदीय दल की बैठक में गांधी ने कहा, "हमारी राजनीति और हमारे दिलों में जम्मू एवं कश्मीर का विशेष स्थान है, इस समय कश्मीर के लोगों खासकर युवाओं को समझने की जरूरत है।"
उन्होंने कहा, "एक पूरी पीढ़ी निर्दयता और संघर्षो के बीच पली-बढ़ी है। यहां गुस्सा और दर्द समाया हुआ है जिसे दूर करने की जरूरत है।"
पीड़ित लोगों को 'अपना' बताते हुए गांधी ने कहा कि "वे हमारे अपने हैं और उनका दुख भी हमारा है। वार्ता और आपसी समझ से ही हिंसा के इस चक्र का अंत करने में मदद मिलेगी।"
सुरक्षाबलों के लिए इस काम की कठिनाई को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों के लिए यह बेहद कठिन काम है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 10 अगस्त को सर्वदलीय बैठक में सुलह और पुननिर्माण के लिए प्रदेश के लोगों को अहमियत देने की योजना का खाका प्रस्तुत किया था।
गांधी ने पिछले कुछ सप्ताह से घाटी में जारी हिंसा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, "यहां हमारे सामूहिक विवेक की आवश्यकता है।"
उन्होंने घाटी में अपने परिवार के लोगों को खोने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "मैं उनका दुख महसूस कर सकती हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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