मप्र के 4 चिकित्सा महाविद्यालयों में जूडा की हड़ताल जारी
भोपाल,18 अगस्त,(आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) में दरार पड़ गई है। भोपाल को छोड़कर शेष चार चिकित्सा महाविद्यालयों में जूडा की हड़ताल अभी जारी है। इस हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं खासी प्रभावित हुई हैं।
भोपाल में पुलिस वैन से गत14 अगस्त को कुचल कर मारे गए दो साथियों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने सहित 20 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालयों के जूडा व छात्र 17 अगस्त से बेमियादी हड़ताल पर गए थे। इस हड़ताल को खत्म कराने के लिए बुधवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री महेंद्र हार्डिया ने भोपाल की जूडा इकाई से वार्ता की और मांगे पूरी कराने की पहल का आश्वासन देकर हड़ताल वापस लेने के लिए राजी कर लिया।
बाद में सरकार और जूडा (भोपाल) की ओर से हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया गया। जूडा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया का आरेाप है कि सरकार ने साजिश रचकर हड़ताल वापस लेने की बात प्रचारित की है। भोपाल इकाई किसी दबाव या स्वार्थ के चलते हड़ताल वापस लेने पर राजी हुई है।
भूरिया ने गुरूवार को आईएएनएस को बताया, "भोपाल को छोड़कर शेष चार चिकित्सा महाविद्यालयों इंदौर, जबलपुर, रीवा व ग्वालियर में जूडा अब भी हड़ताल पर है। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक हम काम पर नहीं लौटेंगे।"
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जूडा की हड़ताल को अवैध करार देते हुए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा)लागू कर दिया है। जूडा को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके बावजूद जूडा काम पर लौटने को तैयार नहीं है।
हड़ताल से चार चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्घ अस्पतालों मे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने दीगर सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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