ओबामा ने अमेरिकियों को भारत-चीन को पछाड़ने के लिए ललकारा
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकियों को ज्यादा से ज्यादा मेहनत करने की अपील की जिससे वे भविष्य में भारत और चीन जैसे देशों से पिछड़ ना जाएं। ओबामा ने अपने देशवासियों से कहा कि उन्हे अमेरिका में इतने वैज्ञानिक और इंजीनियर तैयार करने चाहिए जिससे चीन और भारत जैसे देश, भविष्य में उनको नौकरियों की दौड़ से बाहर न कर सकें।
ओबामा ने देशवासियों से ये अपील सीनेटर उम्मीदवार पैटी मरे के लिए कोष इक्ट्ठा करते समय मंगलवार को अपने भाषण में कही। ओबामा ने कहा "लालच को बढ़ावा देने या लापरवाही को कम आंकने के कारण हम दुनिया के सबसे समृद्ध देश नहीं बन सके। इन्हीं कारणों ने वित्तीय संकट पैदा करने में मदद की। हमने इसे कड़ी मेहनत और जिम्मेदारी के मूल्य को बढ़ावा देकर हासिल किया। हमने इसे जमीनी स्तर से देश का निर्माण करने वाले लोगों-कामगारों और परिवारों, छोटे व्यापारियों और जिम्मेदार उद्यमियों में निवेश करके हासिल किया।"
ओबामा ने कहा, "हम इसलिए यह कर पाए क्योंकि हम अन्य देशों से अधिक काम करने वाले, अधिक शिक्षित और प्रतिस्पर्धा में आगे थे। हमें इसकी ही जरूरत है क्योंकि अब चीन और भारत, दक्षिण कोरिया और जर्मनी जैसे देश भविष्य में नौकरियों के लिए अपनी पूरी क्षमता से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वे हमसे आगे निकलने का प्रयास कर रहे हैं। वे इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को तैयार करने में हमसे होड़ कर रहे हैं और साफ तौर पर कुछ क्षेत्रों में वे हमारे बराबर और कुछ में तो हमसे भी आगे हैं।"
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'स्टेट ऑफ यूनियन' में तालियों के बीच ओबामा ने कहा,"हम देश की अर्थव्यवस्था को पहले की तरह मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत हैं और पुनर्निर्माण के इस प्रयास के केंद्र में केवल तीन सामान्य शब्द हैं- 'मेड इन अमेरिका'। अमेरिका दूसरे स्थान पर आने के लिए नहीं खेल रहा है। हम पहले स्थान के लिए खेल रहे हैं।" ओबामा ने कहा कि विदेशों में रोजगार पैदा करने वाली कंपनियों को करों में छूट देने के बजाय वह अमेरिका में नौकरियां पैदा करने वाली कंपनियों को करों में छूट देना चहते हैं।












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