कश्मीर घाटी में फिर कर्फ्यू, कई जगह झड़पें (राउंडअप)
श्रीनगर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में बुधवार को अलगाववादियों के विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया और सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए। कई स्थानों पर झड़पें भी हुईं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वीकार किया कि घाटी में स्थिति 'चिंताजनक' है।
हुर्रियत समूह के सैयद अली शाह गिलानी के प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए उत्तरी कश्मीर के गांदेरबल, हंडवारा और दक्षिणी कश्मीर के शोपियां कस्बे को छोड़कर अन्य प्रमुख शहरों में कर्फ्यू लगा दिया और सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर दिए।
दक्षिण कश्मीर रेंज के उपपुलिस महानिरीक्षक शफकत अहमद ने कहा कि श्रीनगर के कुछ इलाकों के अलावा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग और अचाबल और कुलगाम के तरिगाम गांव में प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया लेकिन बिना अतिरिक्त बल के इन्हें काबू कर लिया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि असामाजिक तत्वों से जान-माल के नुकसान को बचाने के लिए ये उपाय निश्चित तौर पर आवश्यक हैं। अलगाववादी हर बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात करते हैं लेकिन हर बार ये तथाकथित शांतिपूर्ण प्रदर्शन काफी हिंसक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिंसा पर लगाम लगाना एकमात्र उपाय है क्योंकि हम नागरिकों का जीवन जोखिम में नहीं डाल सकते। इसलिए गांदेरबल, हंडवारा और शोपियां को छोड़कर हर स्थान पर कर्फ्यू लगाया गया है।
सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व वाले अलगाववादी संगठन हुर्रियत के कट्टरवादी धड़े ने लोगों से धरना देने और शांति प्रदर्शनों के साथ ही बंद रखने का आह्वान किया है।
घाटी के अधिकांश हिस्सों में दुकानें, अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान, बैंक, डाकखाने और निजी तथा सार्वजनिक यातायात बाधित रहा।
श्रीनगर शहर में पैदल और वाहन यातायात रोकने के लिए बुधवार सुबह पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया। कई स्थानों पर झड़पों की भी खबरें हैं।
श्रीनगर के बाहरी इलाके बेमिना में एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी सीआरपीएफ के एक तेज रफ्तार वाहन से टकरा गया। वाहन पर भीड़ पथराव कर रही थी।
उधर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को स्वीकार किया कि घाटी में स्थिति 'चिंताजनक' है तथा उम्मीद जताई कि 'हिंसा के क्रम को तोड़ने' के लिए उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों के बेहतर नतीजे सामने आएंगे।
मुबारक मंडी के पुनरुद्धार सहित कई विकास कार्यो की समीक्षा के बाद अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा, "घाटी में हालात अफसोसनाक हैं। हमारे लिए यह दुखद है, हम हिंसा की बारंबारता को तोड़ना चाहते हैं।"
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रमजान के महीने में स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी। उमर ने कहा, "हालात सुधारने के लिए हम हर संभव उपाय कर रहे हैं। हमारी पहली प्राथमिकता है घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी हाल ही में नई दिल्ली में सुरक्षा मामलों पर हुई मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में कश्मीर के हालात की समीक्षा की थी।
उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी ने 11 जून से लेकर अब तक 59 मौतें, गलियों में अप्रत्याशित रूप से भड़की हिंसा और पत्थरबाजी करने वाली भीड़ एवं सुरक्षा बलों के बीच झड़पें देखी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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