संसद को दुनिया के लिए उदाहरण पेश करना चाहिए : राष्ट्रपति
नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने बुधवार को कहा कि भारतीय संसद को अपने मानकों पर खरा उतरना चाहिए और बाकी दुनिया के लिए एक उदाहरण पेश करना चाहिए। पाटील ने कहा कि जनता के दिमाग में संसद की कुछ ऐसी छवि बननी चाहिए कि वहां रचनात्मक तरीके से बहस होती है।
संसद के केंद्रीय कक्ष में उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार प्रदान करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों में जनता का विश्वास कायम होना इस बात पर निर्भर करता है कि निर्वाचित प्रतिनिधि किस तरह से अपना काम करते हैं, और इस बात पर भी कि जन कल्याण पर प्रभाव डालने वाले मुद्दों पर वे कितने जागरूक हैं।
वर्ष 2007-2009 के लिए पुरस्कारों को क्रमश: प्रियरंजन दास मुंशी (कांग्रेस), मोहन सिंह (समाजवादी पार्टी) और मुरली मनोहर जोशी (भारतीय जनता पार्टी) को प्रदान किया गया। दासमुंशी चूंकि लंबे समय से अस्पताल में हैं, लिहाजा उनकी सांसद पत्नी, दीपा दासमुंशी ने उनकी ओर से पुरस्कार ग्रहण किया।
पाटील ने कहा कि पैदा हो रही चुनौतियों से निपटने के लिए हर संसद में विकास और सुधार होना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications