प्रधानमंत्री से सवाल, चव्हाण ने दिया जवाब
सिंह को संबोधित कर पूछे गए सवाल का लिखित जवाब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री (एमओएस), पृथ्वीराज चव्हाण ने दिया।
चव्हाण ने कहा कि हाल के वर्षो में पांच अमेरिकी कंपनियों ने भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी थी, जबकि हांगकांग के एक संगठन ने भारतीय अधिकारियों को अन्य एशियाई अधिकारियों की तुलना में कम कुशल बताया था।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री कभी-कभी प्रधानमंत्री से पूछे गए प्रश्नों का जवाब देते हैं।
अमेरिका में भारतीय राजदूत से प्राप्त हुई जानकारी का हवाला देते हुए चव्हाण ने लोकसभा में कहा कि पांच अमेरिकी कंपनियों के नाम, 'फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेस ऐक्ट एंड एंटी करप्शन एनफोर्समेंट फॉर 2008 एवं 2009' पर जारी अमेरिकी रिपोर्ट में पांच भारतीय केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों व एक राज्य सरकार के अधिकारी को रिश्वत देने के लिए दर्ज है।
चव्हाण ने कहा कि रिश्वत प्राप्त करने वाले अधिकारी, रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय, कृषि मंत्रालय एवं वित्त मंत्रालय से तथा महाराष्ट्र राज्य सरकार से संबद्ध हैं।
चव्हाण ने कहा कि जिन पांच अमेरिकी कंपनियों ने इन अधिकारियों को रिश्वत दी है, उनमें रिचर्ड मोरलोक एंड मैरिओ कोविनो, पायोनीयर फ्रिक्शन लिमिटेड, यार्क इंटरनेशनल कॉरपोरेशन, डीई नोसिल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड (डाउ केमिकल्स की सहयोगी इकाई, जिसने भोपाल गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड का अधिग्रहण किया है।) और प्राइड इंटरनेशनल इंक के नाम शामिल हैं।
चव्हाण ने कहा, "फरीदाबाद स्थित पौध संरक्षण संगरोध एवं भंडारण निदेशालय के एक प्रमुख अधिकारी को डीई नोसिल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड द्वारा किए अनुचित भुगतान पर आई रिपोर्ट के मद्देनजर कृषि मंत्रालय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।"
चव्हाण ने कहा कि बाद में मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया। सीबीआई ने, वर्ष 2007 में 32,000 डालर की रिश्वत स्वीकार करने के लिए कृषि मंत्रालय के अधिकारियों, रतन लाल रजक और सत्यब्रतो बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
अमेरिकी रिपोर्ट के आधार पर, जहां रक्षा मंत्रालय ने आरोपों की जांच का आदेश दिया है, वहीं रेल मंत्रालय ने अमेरिकी कंपनी वेबटेक और उसकी भारतीय सहयोगी इकाई, पायोनीयर फ्रिक्शन लिमिटेड के साथ अपना कारोबार स्थगित कर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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