सत्यम घोटाले के आरोपी राजू को जमानत
राजू को पिछले वर्ष सात जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और उसका शहर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। राजू को हैदराबाद में ही रहने की शर्त और 20-20 लाख रुपयों की दो जमानतों पर जमानत दी गई।
राजू और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजा एलांगो ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
जमानत याचिका का विरोध करते हुए अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल एच. पी. रावल ने कहा था कि आरोपी को अगर जमानत दे दी जाती है तो वह सबूतों को नष्ट कर सकता है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से जेल में बंद होने, सुनवाई में देरी और राजू की बीमारी को जमानत मंजूर करने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
जमानत याचिका को मामले को लंबा खींचने की साजिश करार देते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई छह माह में पूरी की जा सकती है।
राजू के वकील एम. नटराजन ने कहा कि अभियोजन पक्ष के वकील के दावे के उलट यह मामला संभवत: छह साल तक चलेगा।
उन्होंने कहा कि सत्यम कंपनी के धन को कथित तौर पर विदेश भेजने के मामले में जिन छह देशों को याचना पत्र भेजा गया है उस मामले में जवाब आने में ही दो साल लग जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हेपाटाइटिस सी से ग्रस्त राजू को सांस, लीवर और हृदय संबंधी समस्या आ सकती है।
सत्यम कम्प्यूटर सर्विसिज लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन राजू एक मात्र ऐसा आरोपी थे, जिनकी जमानत मंजूर नहीं हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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