योजना आयोग में संरचनात्मक बदलाव की जरूरत : कमलनाथ
कमलनाथ ने मंगलवार को एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कहा, "पिछले 20 साल में भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। योजना आयोग को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए हमें इसमें संरचनात्मक बदलाव लाने की जरूरत है।"
भारतीय योजना आयोग की तुलना अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से करते हुए नाथ ने कहा कि दोनों संस्थाएं अपनी प्रासंगिकता खो रही हैं और अप्रभावी साबित हो रही हैं।
उन्होंने कहा, "1980 के दशक में इसकी अहम भूमिका थी। लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं, इसलिए परिस्थितियों के अनुरूप बदलाव की जरूरत है।"
वहीं भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि ने कहा कि देश के विकास में योजना आयोग की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
यूआईडीएआई, योजना आयोग की शाखा है। इस प्राधिकरण का लक्ष्य देश के प्रत्येक नागरिक को विशिष्ट पहचान नंबर उपलब्ध कराना है।
पिछले महीने राजमार्गो के निर्माण के लक्ष्यों को लेकर कमलनाथ और योजना आयोग में टकराव सामने आया था। कमलनाथ ने देश में प्रतिदिन 20 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा था। योजना आयोग ने नाथ के इस लक्ष्य को अति महत्वाकांक्षी बताकर उन्हें यथार्थवादी नजरिया अपनाने की सलाह दी थी।
नाथ ने कहा कि उनका मंत्रालय इस लक्ष्य पर अडिग रहेगा। उन्होंने कहा, "हम इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। लक्ष्य कम करने का कोई सवाल नहीं उठता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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