मदनी गिरफ्तार, शांति की अपील की (राउंडअप)
मदनी की गिरफ्तारी के विरोध में वाहनों पर पथराव करने के लिए करुं गापल्ली में पीडीपी के 20 समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी ओर सर्वोच्च न्यायालय ने मदनी की अंतरिम जमानत याचिका स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
बेंगलुरू के लिए ले जाते समय हवाई अड्डे के अंदर प्रवेश करने से पहले मदनी ने कहा, "मैं अपने समर्थकों से अपील करता हूं कि उन्हें शांति बनाए रखना चाहिए और इसे हिंदू-मुस्लिम मुद्दे के रूप में नहीं देखना चाहिए।"
पीडीपी के उपाध्यक्ष पूनथुरा सिराज ने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने बुधवार को राज्य में किसी बंद का आह्वान नहीं किया है, लेकिन काला दिवस मनाया जाएगा।
सिराज ने कहा, "हम बुधवार को काला दिवस मनाएंगे, क्योंकि मदनी को मौलिक अधिकारों से वंचित किया गया और कर्नाटक पुलिस थोड़ा इंतजार कर सकती थी, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय में अपराह्न् में मदनी की जमानत याचिका दायर की जाने वाली थी।"
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को मदनी की अंतरिम जमानत की याचिका को स्वीकार करने से इसलिए मना कर दिया, क्योंकि उसकी गिरफ्तारी के बाद याचिका अप्रासंगिक हो गई थी।
न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू और टी.एस. ठाकुर की खण्डपीठ ने कहा कि मदनी नियमित जमानत के लिए निचली अदालत में आवेदन कर सकता है और वहां जब तक नियमित जमानत की याचिका पर विचार नहीं होता, तब तक के लिए वह अंतरिम जमानत भी मांग सकता है।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि निचली अदालत उसकी अंतरिम जमानत की याचिका पर उसी दिन विचार करने के लिए बाध्य है।
जैसे ही खण्डपीठ ने मामले को सुनवाई के लिए लिया, कर्नाटक के सरकारी वकील संजय हेगड़े ने अदालत को सूचित किया कि मदनी को कर्नाटक पुलिस ने केरल में गिरफ्तार कर लिया है।
मदनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पिनाकी मिश्रा ने कहा कि उनके मुवक्किल को सर्वोच्च न्यायालय में उसकी अंतरिम जमानत की याचिका को बेकार करने के लिए मात्र आधा घंटा पहले उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके पहले मदनी को मंगलवार को कर्नाटक और केरल की पुलिस के एक संयुक्त दल ने गिरफ्तार किया। बेंगलुरू बम विस्फोटों में एक व्यक्ति मारा गया था और 15 लोग घायल हुए थे। गिरफ्तारी के समय मदनी द्वारा संचालित अनाथ आश्रम में भावुक दृश्य था। वहां बड़ी संख्या में बच्चों ने रोते हुए मदनी को विदाई दी।
केरल के अनवारसरी में मदनी अपने आवास से निकलकर अदालत के समक्ष समर्पण करने जा रहा था, तभी कर्नाटक और केरल पुलिस के एक संयुक्त दल ने उसे हिरासत में ले लिया। शाम को उसे बेंगलुरू ले जाया जाएगा।
इसके पहले मदनी ने अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की थी कि दोपहर की नमाज अदा करने के बाद वह अदालत में आत्मसमर्पण करेंगे।
15 मिनट तक चले नमाज के बाद वहां भावुक वातावरण पैदा हो गया। वहां चलने वाले अनाथ आश्रम के बच्चों ने मदनी को चूमा और अश्रु भरी विदाई दी।
मस्जिद से व्हील चेयर में बाहर आए मदनी को उठा कर वाहन में बिठाया गया। उनके साथ उनकी पत्नी, दो बेटे और पार्टी के कुछ पदाधिकारी भी थे।
मदनी का वाहन जैसे आगे बढ़ने को हुआ, कोल्लम की पुलिस अधीक्षक हर्षिता अटलूरी के नेतृत्व में केरल पुलिस के अधिकारियों के एक बड़े दस्ते ने वाहन को घेर लिया। उसके बाद कर्नाटक पुलिस के अधिकारी ओमकारैया ने वाहन में प्रवेश किया और मदनी से कहा कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके पास बेंगलुरू की एक अदालत का एक वारंट है।
पुलिस ने मदनी की पत्नी और बेटों को छोड़ बाकी सभी को वाहन से उतरने के लिए कहा।
पुलिस के एक ड्राइवर ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया, जबकि कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों के अलावा एक महिला पुलिस अधिकारी भी वाहन में बैठ गई।
मदनी को बेंगलुरू ले जाने के लिए वहां से हवाई अड्डे ले जाया गया।
कर्नाटक के गृह मंत्री वी.एस.आचार्य ने केरल सरकार द्वारा उनके पुलिस अधिकारियों को वारंट के क्रियान्वयन में मदद में देरी करने को लेकर सोमवार को नाराजगी जाहिर की थी।
इस बीच केरल के गृह मंत्री कोडियेरी बालाकृष्णन ने कोझीकोड में संवाददाताओं को बताया कि कर्नाटक के पुलिस प्रमुख ने केरल पुलिस प्रमुख को फोन पर धन्यवाद दिया है।
ज्ञात हो कि बेंगलुरू की एक अदालत ने 15 जून को मदनी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद चार बार वारंट की समयसीमा बढ़ाई गई थी। कर्नाटक पुलिस को मंगलवार तक मदनी को अदालत के सामने प्रस्तुत करना था।
मदनी बेंगलुरू विस्फोटों का 31वां आरोपी है। उसने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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