अलीगढ़ में तनाव बरकरार, संसद पहुंची आंच (राउंडअप इंट्रो-1)
किसानों की महापंचायत में विरोधी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लेकर मायावती सरकार को चेतावनी दी कि किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिले बिना एक्सप्रेस-वे नहीं बनने दिया जाएगा।
महापंचायत के लिए हजारों की संख्या में किसान अलीगढ़ के टप्पल गांव में एकत्र हुए। विरोधी दलों के नेताओं ने महापंचायत में शिरकत करते हुए एक ही मंच से एक सुर में मायावती सरकार पर हमला किया। सबसे पहले राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह ने कहा कि किसानों का मुआवजा नहीं बढ़ा तो एक्सप्रेस-वे का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि किसानों पर गोली चलवाने वाली सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। किसानों पर की गई फायरिंग के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदशर्न कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि इस सरकार ने निहत्थे किसानों पर गोलियां चलवाकर बहुत बड़ा अपराध किया है।
बड़ी संख्या में किसानों ने टप्पल और मथुरा के बाजना में मुख्यमंत्री मायावती के पुतलों को पीटकर राज्य सरकार के खिलाफ गुस्से का इजहार किया। मारे गए किसानों के परिजनों के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए मुआवजे के एलान और प्रशासनिक फेरबदल के बावजूद किसान झझुकने को तैयार नहीं हैं।
महापंचायत के बाद किसानों ने अपनी मांग दोहराई कि जब तक उनके नेता रामबाबू कथीरिया को रिहा नहीं किया जाता और ज्यादा मुआवजे की मांग नहीं मानी जाती तब तक उनका प्रदशर्न जारी रहेगा।
सूत्रों के मुताबिक तनाव के मद्देनजर प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। पुलिस को किसानों के प्रति सख्त रवैया न अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र वीर सिंह ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि हालात पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले करीब 18 घंटे से ज्यादा समय से आगजनी या हिंसक घटनाएं नहीं हुई हैं।
उधर, संसद में इस मुद्दे पर भाजपा और सपा के सदस्यों द्वारा लगातार हंगामा किए जाने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होते ही भाजपा, सपा और रालोद के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस भी इस मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के साथ दिखी। विपक्षी सदस्य मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे, फिर दो बजे और उसके बाद मंगलवार सुबह तक स्थगित कर दी गई।
इस दौरान उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्यों की सपा और भाजपा के कुछ सदस्यों से नोंक-झोंक भी हुई।
लोकसभा में भाजपा ने भूमि अधिग्रहण के संदर्भ में नया कानून बनाने की मांग की। पार्टी के नेता राजनाथ सिंह ने आईएएनएस से कहा, "हम चाहते हैं कि संसद के इसी सत्र में इस संबंध में अध्यादेश लाया जाए ताकि उत्तर प्रदेश और पूरे देश के किसानों को भूमि अधिग्रहण के समय परेशान न होना पड़े।"
इस मसले पर राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने तत्काल चर्चा की मांग की। इस पर सभापति हामिद अंसारी ने कहा, "यह मसला गंभीर है। प्रश्नकाल चलने दीजिए। इस पर शून्यकाल में चर्चा की इजाजत दी जाएगी।"
राज्यसभा में प्रश्नकाल शुरुआती घंटे में चला लेकिन विपक्षी सदस्यों ने फिर से इस मसले पर हंगामा शुरू कर दिया। परिणामस्वरूप उपसभापति के. रहमान खान ने सदन की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए और फिर दिन में दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले रविवार देर रात राज्य सरकार ने अलीगढ़ मंडल के मंडलायुक्त व जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मथुरा के एसएसपी को हटा दिया तथा झड़प में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की।
उल्लेखनीय है कि अलीगढ़ में शनिवार को अधिक मुआवजे की मांग कर रहे किसानों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष में एक पुलिसकर्मी सहित दो लोगों की मौत हो गई थी और करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए थे।
नोएडा से आगरा तक बनने वाले 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे को बनाने का ठेका जे.पी. इंडस्ट्रीज को दिया गया है।
इंडो-एशियन नयूज सर्विस।












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