गरीब महिलाएं होती हैं हिंसा की ज्यादा शिकार
एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि 35 से 44 आयु वर्ग की 25 में से एक महिला पर 12 महीने के दौरान या तो हमला होता है या उन्हें धमकाया जाता है। अध्ययन में बताया गया है कि वित्तीय तनाव, निजी तनाव और एल्कोहल या अन्य मादक पदार्थो के सेवन से यह खतरा और बढ़ जाता है।
न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉन वेदरबर्न ने यह अध्ययन किया था।
विश्वविद्यालय की तरफ से जारी किए गए एक वक्तव्य के मुताबिक 35 से 44 वर्ष आयु वर्ग की वे महिलाएं जिन्हें कोई निजी या वित्तीय तनाव नहीं होता है और जिनमें नशीली दवाओं या एल्कोहल की परेशानी नहीं होती है उन पर हमले या हमले की धमकी मिलने का 4.1 प्रतिशत वार्षिक खतरा होता है।
यदि वित्तीय तनाव बहुत ज्यादा हो तो यह खतरा बढ़कर 14.6 प्रतिशत हो जाता है।
पिछले 12 महीने के दौरान निजी तनाव बहुत ज्यादा होने पर हिंसा का औसत खतरा 4.1 से बढ़कर 12.7 प्रतिशत हो जाता है। यदि एल्कोहल या अन्य नशे की परेशानी हो तो यह खतरा 11.1 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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