रमेश ने जहाजों के टकराव को विचित्र दुर्घटना बताया (लीड-1)
मुंबई, 14 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मुंबई तट के करीब जहाजों के बीच हुई टक्कर को एक विचित्र दुर्घटना करार दिया और कहा कि देश में इसके पहले इस तरह के तेल रिसाव की घटना सामने नहीं आई थी।
रमेश ने दुर्घटना के एक सप्ताह बाद महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री सुरेश शेट्टी के साथ शनिवार को एलीफेंटा द्वीप के पास सुबह समुद्र तट का निरीक्षण किया और उसके बाद संबंधित विभिन्न एजेंसियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।
रमेश ने कहा, "स्थान के लिहाज से (मुंबई तट), मौसम के लिहाज से (दक्षिण पश्चिमी मानसून) और मात्रा (2,000 टन ईंधन) के लिहाज से देश में इसके पहले इस तरह का तेल रिसाव नहीं हुआ था।"
रमेश ने कहा, "यह एक विचित्र दुर्घटना है। यह एक अनोखा तेल रिसाव है और हमारे सामने एक नई परिस्थिति खड़ी हुई है।"
रमेश ने कहा कि हमें इस दुर्घटना से सीख लेनी चाहिए और इस तरह के प्रदूषण से निपटने के लिए जल्द ही एक प्रणाली विकसित की जाएगी।
रमेश ने कहा कि भारत को तेल रिसाव से एक अन्य सीख यह लेने की जरूरत है कि उसे अंतर्राष्ट्रीय कनवेंशन का एक सदस्य बनना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमें इंटरनेशनल मैरीटाइम आर्गनाइजेशन (आईएमओ) के बंकर कनवेंशन का एक हिस्सा बनने की आवश्यकता है। इससे भारत को अधिक कोष के लिए दावा करने का अधिकार प्राप्त हो जाएगा।"
रमेश ने कहा, "जहाजरानी महानिदेशालय मामले में समन्वय करेगा।"
उन्होंने कहा कि तेल रिसाव के कारण तटीय इलाकों में जलीय पौधों को भारी नुकसान हुआ है इनमें से कुछ ही पौधे दोबारा पैदा हो सकेंगे।
शेट्टी ने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट आने के बाद अगले सप्ताह से इन जलीय पौधों को दोबारा लगाने का काम किया जाएगा।
शनिवार सुबह वृह्दमुंबई महानगर पालिका और तटरक्षक दल के कर्मचारियों ने तेल साफ करने का काम किया।
मुंबई बंदरगाह ट्रस्ट और जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह ट्रस्ट के दोनों बंदरगाहों पर करीब एक सप्ताह तक जहाज यातायात पूरी तरह बंद रहने के बाद इन पर आंशिक यातायात दोबारा शुरू किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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