स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली, जम्मू और पूर्वोत्तर में कड़े सुरक्षा इंतजाम (राउंडअप)
जम्मू एवं कश्मीर में तथा पाकिस्तान से लगी सीमा पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। साथ ही अलगाववादियों से निपटने के लिए पूर्वोत्तर के अशांत क्षेत्रों में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 100,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।
दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर अवरोधक लगाए गए हैं और वाहनों को तलाशी के बाद ही गुजरने दिया जा रहा है। मेट्रो स्टेशनों और रेलवे स्टेशनों पर लोगों की तलाशी ली जा रही है। लाल किला, जामा मस्जिद और चांदनी चौक इलाकों में पूरी चौकसी बरती जा रही है।
बेंगलुरू पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी द्वारा नक्सलियों की मदद से भारत में आतंकवादी हमले की साजिश रचने का पर्दाफाश करने का दावा किया है। अमेरिका ने भी आतंकवादी हमलों की नए सिरे से चेतावनी दी है।
दिल्ली पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम किसी भी स्थिति से निपटने के प्रबंध कर रहे हैं। राजधानी के जिन इलाकों में स्वतंत्रता दिवस समारोहों का आयोजन होना है वहां सुरक्षा विशेष तौर पर कड़ी की गई है।"
दिल्ली यातायात पुलिस भी मध्य रात्रि से 15 अगस्त सुबह नौ बजे तक सीमाओं को सील करने की तैयारी में हैं। इस दौरान सभी वाणिज्यिक वाहनों का दिल्ली में प्रवेश बंद रहेगा और गहन तलाशी के बाद निजी वाहनों को राजधानी में आने दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस मौके पर देश की तीनों सेनाओं के प्रमुख वरिष्ठ सरकारी हस्तियां और राजनयिक तथा अतिविशिष्ट लोग मौजूद होंगे।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू एवं कश्मीर में तथा पाकिस्तान से लगी सीमा पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जम्मू के सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हवाई अड्डों तथा रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
जम्मू हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार शनिवार को केवल एयर इंडिया की एक उड़ान जम्मू से श्रीनगर गई। सुरक्षा कारणों से निजी कंपनियों की उड़ानें रद्द कर दी गईं।
पुलिस ने जम्मू शहर में कई अतिरिक्त जांच चौकियों की स्थापना की है। शहर में आने वाली और बाहर जाने वाली सभी यात्री बसों की सघन तलाशी हो रही है।
वहीं रविवार को अलगाववादियों की किसी भी हमले की साजिश को विफल करने के लिए पूर्वोत्तर के अशांत क्षेत्रों में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 100,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।
सेना के एक कमांडर ने शनिवार को बताया, "आतंकवादी हिंसक हमले न कर सकें, इसके लिए हम सुरक्षा बलों को विभिन्न खतरनाक हिस्सों में तैनात कर रहे हैं।"
सेना के जवानों ने शुक्रवार को पूर्वी असम के शिवसागर में एक बस अड्डे में लगाए गए टाइम बम को निष्क्रिय कर एक बड़ी वारदात को होने से रोक लिया था।
कमांडर ने बताया, "बम एक थैले में दो बसों के बीच रखा हुआ था। हमने समय रहते उसे निष्क्रिय कर दिया।"
पूर्वोत्तर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के बहिष्कार के लिए पांच आतंकवादी समूहों ने रविवार को 17 घंटे के सामान्य बंद का आह्वान किया है।
इन आतंकवादी समूहों में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (उल्फा), नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी), कामतापुर लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (केएलओ), मणिपुर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (एमपीएलएफ) और त्रिपुरा पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (टीपीडीएफ) शामिल हैं।
ये समूह असम, मणिपुर और त्रिपुरा में सक्रिय हैं। इन आतंकवादी समूहों ने 15 अगस्त के बहिष्कार के लिए रविवार को तड़के 1.30 बजे से 6.30 बजे तक सामान्य बंद का आह्वान किया है।
नक्सलियों द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोहों के बहिष्कार के आह्वान के बाद उड़ीसा के नक्सली बहुल इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।
राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि नक्सलियों द्वारा लोगों से स्वतंत्रता दिवस को काले दिवस के रूप में मनाने के लिए कहे जाने के बाद मल्कानगिरी, गजपति, रायगाढ़ा, कंधमाल और गंजम जिलों के असुरक्षित क्षेत्रों में राज्य व केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले नक्सलियों ने शुक्रवार को मल्कानगिरी क्षेत्र में एक पंचायत भवन उड़ा दिया। नक्सलियों ने मलावरम गांव में बारूदी सुरंगों का इस्तेमाल कर भवन को नेस्तनाबूद कर दिया, विस्फोट के समय भवन के अंदर कोई नहीं था।
बिहार में भी पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया है। राजधानी पटना तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस को विशेष रूप से चौकसी बरतने और गश्त तेज करने का निर्देश दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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