पाकिस्तान बाढ़ से तबाही जारी, सिंध में 25 हजार गांव डूबे (राउंडअप)
बाढ़ के चलते पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले कई कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। विस्थापित हुए लोगों में भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री नहीं पहुंचने के कारण भूखे लोगों ने अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा लाई गई राहत सामग्री के कई वाहन लूट लिए हैं इसके चलते कई इलाकों में राहत कार्य रोक दिया गया है।
वहीं पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक बाढ़ राहत शिविर में शनिवार सुबह बासी खाना खाने से एक बच्चे की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग बीमार हो गए।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के आस-पास के कई बड़े शहरों में बाढ़ के खतरे के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
स्थानीय समाचार पत्र 'डॉन' में सिंध प्रांत के आपदा प्रबंधन प्रमुख गुलाम अली शाह पाशा के हवाले से छपी एक खबर के मुताबिक प्रांत में 25,000 से अधिक गांवों के डूब जाने से 16 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जकोकाबाद, थूल और शाहबाज हवाई अड्डे बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। जकोकाबाद में कई जगह पर बांधों में दरार की खबर के बाद 500,000 से अधिक लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री सईद कईम अली शाह ने शुक्रवार को कहा कि बाढ़ पीड़ितों का पुनर्वास हैदराबाद और कराची में किया जाएगा जहां बेघर लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के मुताबिक सिंधु नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है जिससे निचले इलाकों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
पाकिस्तान में बिगड़े हालात से उबरने के लिए प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने मदद के लिए विश्व समुदाय से मदद की अपील की है।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के दिन बाढ़ प्रभावित पंजाब, खबर पख्तूनख्वा प्रांतों का दौरे पर रहे।
पाकिस्तानी सेना ने भी स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों को रद्द कर दिया। दान में दिया जा रहा धन स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों पर खर्च करने के बजाय बाढ़ पीड़ितों को दिया जाएगा। सेना आगामी छह सितंबर को रक्षा दिवस भी नहीं मनाएगी।
पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस के सभी सरकारी आयोजन रद्द कर दिए गए तथा पाकिस्तानी राष्ट्रपति के सरकारी आवास 'ऐवान-ए-सद्र' पर भी कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया।
शनिवार को राष्ट्र के नाम संदेश में गिलानी ने देश में बाढ़ की विभीषिका के कारण सैकड़ों लोगों की जान जाने पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित दो करोड़ लोगों के पुनर्वास की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खबर-पख्तूनख्वा सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। वहां हजारों घर ढह गए, सपर्क मार्ग और पुल ध्वस्त हो गए तथा अरबों रुपये मूल्य की खड़ी फसलें बह गईं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इसका परिणाम अभावों के रूप में सामने आएगा इसलिए समाज, गैर सरकारी संगठन और जनता सरकार के हाथ मजबूत करें, ताकि प्रलय से उबरा जा सके।
समाचार चैनल 'जियो न्यूज' के अनुसार गिलानी ने कहा, "मैंने संकट से उबरने के लिए मदद के लिए विश्व समुदाय से हाथ बढ़ाने की अपील की है। इसलिए पाकिस्तान आतंकवाद की धमकियों के खिलाफ कड़े कदम उठा सकता है।"
गिलानी ने कहा, "हमारी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई और प्राकृतिक आपदा दोनों ने क्षति पहुंचाई है।"
पाकिस्तान में बाढ़ से विस्थापित हुए लोगों ने राहत एवं खाद्य सामग्री ले जा रहे वाहनों में लूटपाट की। इसके चलते अधिकारियों ने यहां राहत कार्य रोक दिया है।
पाकिस्तान गरीबी निवारण कोष और अंतर्राष्ट्रीय आव्रजन संगठन के अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि पंजाब के मुजफ्फरगढ़ जिले में जिदेवाला गांव के करीब लोगों ने वाहनों से सामान लूट लिया।
लूट के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति ने कहा कि उसके पास 'खाने के लिए कुछ नहीं था'।
वहीं पंजाब प्रांत में एक बाढ़ राहत शिविर में शनिवार सुबह विषाक्त भोजन करने से एक बच्चे की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग बीमार पड़ गए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक तौनसा शहर में बने बाढ़ राहत शिविर में बासी खाना खाने से कुछ लोग बेहोश हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications