प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम हुई : आडवाणी
ज्ञात हो कि पिछले आम चुनाव के दौरान आडवाणी ने मनमोहन सिंह को देश का सबसे कमजोर प्रधानमंत्री बताया था।
आडवाणी ने बेंगलुरू से लगभग 130 किलोमीटर दूर यहां पार्टी की एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री पद की गरिमा लगातार गिर रही है और उसकी कार्यपद्धति पर मीडिया में व्यंग्यात्मक टिप्पणियां की जा रही हैं।"
आडवाणी ने दावा किया कि स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि प्रधानमंत्री अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण पर भी स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले सकते।
इस रैली का आयोजन कर्नाटक में दो वर्ष पुरानी भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस के अभियान के जवाब स्वरूप किया गया था। कांग्रेस ने, खासतौर से भाजपा मंत्रियों (बेल्लारी के रेड्डी बंधुओं) के कथित अवैध खनन के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है।
कांग्रेस द्वारा बेंगलुरू से बेल्लारी तक निकाली गई 16 दिवसीय पदयात्रा का नौ अगस्त को समापन हुआ है। पदयात्रा का नेतृत्व अन्य लोगों के साथ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरमैया ने किया था।
मैसूर, सिद्धारमैया का राजनीतिक गढ़ माना जाता है और इसीलिए भाजपा ने कांग्रेस के अभियान के खिलाफ घोषित अपनी चार रैलियों में से तीसरी रैली के लिए मैसूर को चुना।
भाजपा की पहली रैली दो अगस्त को देवनगिरि में आयोजित की गई थी, दूसरी रैली पांच अगस्त को गुलबर्गा में और चौथी रैली 20 अगस्त को बेल्लारी में आयोजित होगी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, सुषमा स्वराज बेल्लारी की रैली को संबोधित करने वाली हैं।
आडवाणी, मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा, पार्टी महासचिव एवं दक्षिण बेंगलुरू से लोकसभा सदस्य अनंत कुमार और पार्टी के अन्य नेताओं ने अवैध खनन की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराए जाने की कांग्रेस की मांग की आलोचना की।
आडवाणी ने कर्नाटक से लौह अयस्क के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के निर्णय के लिए येदियुरप्पा की प्रशंसा की।
आडवाणी ने कहा, "येदियुरप्पा पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और केंद्र सरकार से लौह अयस्क के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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