नेताजी के अंगरक्षक को सम्मानित करेगी रूसी कंपनी
बुजर्ग यादव ने आजादी की लड़ाई के दिनों को याद करते हुए कहा, "मैं गुलाम पैदा हुआ था। नेताजी के साथ आजादी की लड़ाई के दौरान हमने कभी नहीं सोचा था कि हम आजाद भारत देखने के लिए जीवित रहें।"
उन्होंने कहा, "लेकिन अब मैं जानता हूं कि मैं एक आजाद और विकासशील भारत में जी रहा हूं।"
उन्होंने कहा कि अंतरिक्षयात्री कल्पना चावला की सहपाठिन रही उनकी बेटी को देश में अच्छी शिक्षा इसलिए मिल सकी क्योंकि देश आजाद हो चुका था। उनकी बेटी अब अमेरिका में नौकरी कर रही हैं।
रूसी दूरसंचार कंपनी की भारतीय शाखा सिस्टेमा श्याम के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेस्वोलोद रोजानोव ने कहा कि कंपनी की सेवाओं वाले 12 सर्किलों में 10 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम भारत की आजादी की लड़ाई के नायकों को सलाम करते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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