महंगाई एक चिंता लेकिन 'मूल प्रभाव' भी जिम्मेदार : मुखर्जी
सार्वजनिक उपक्रमों के प्रदर्शन के आकलन के लिए आयोजित एक सम्मेलन से इतर जब 31 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में खाद्य महंगाई की दर 11.41 प्रतिशत होने के बारे में पूछा गया तो मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, "निश्चय ही यह चिंता का विषय है। परंतु इसके साथ ही मूल प्रभाव भी है।"
उन्होंने कहा कि आंकड़ों से मुद्रास्फीति की दर अधिक ऊंची दिखती है जबकि कीमतों में वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में कम है।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पिछले महीने कुछ महत्वपूर्ण दरों को बढ़ाकर मौद्रिक नीति को कड़ा करने के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि उनको नहीं लगता कि इसका अधिक प्रभाव ब्याज दरों पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, "मैं नहीं सोचता कि ब्याज दरों में वृद्धि की कोई जरूरत है। व्यवस्था में पर्याप्त तरलता है और बैंकों को इसका पता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications