असम में बिजली गिरने से 5 की मौत, उत्तरकाशी में 28 दुकानें ढहीं

गुवाहाटी/देहरादून/लखनऊ, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारी बारिश शुक्रवार को तबाही बनकर सामने आई। देश के कई राज्यों में दुर्घटनाएं हुईं तो कई जगह बाढ़ का खतरा उपन्न हो गया। असम में बिजली गिरने से पांच की लोगों की मौत हो गई और उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी में 28 दुकानें ढह गईं। साथ ही उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं।

असम के गोलपारा जिले में बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें से तीन लोग एक ही परिवार के थे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना जिले के दुधनोई गांव में हुई।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "शुक्रवार की दोपहर जब बिजली गिरी उस वक्त सभी लोग धान के खेत में काम कर रहे थे। मरने वालों में एक पिता और उसके दो छोटे बच्चे शामिल हैं। इनके शव बुरी तरह से झुलस गए।"

उधर, उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी के भटवारी में सुबह से हो रही लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भूस्खलन के कारण 28 दुकानें ढह गईं। राष्ट्रीय राजमार्ग के धंसने के कारण गंगोत्री की यात्रा भी बाधित हुई है।

उप मंडलाधिकारी (एसडीएम) एस.एल. सेमवाल ने बताया, "भटवारी ब्लॉक के समीप भूस्खलन के कारण 28 दुकानें ढह गई हैं। दुर्घटना के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। खतरे के चलते आसपास की चालीस दुकानों को भी खाली करा लिया गया है। साथ ही आसपास की रिहायशी बस्तियों और हरिजन बस्ती को खाली कराकर लोगों को नजदीक बने जल विद्युत निगम के परिसर में ले जाया गया है।"

उन्होंने बताया कि दुर्घटना में किसी प्रकार के जानमाल की क्षति नहीं हुई है। घटनास्थल पर एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी मुस्तैद हैं।

सेमवाल ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के धंसने के कारण गंगोत्री यात्रा भी रुक गई है। इसके सामान्य होने में लगभग चार दिन का समय लग सकता है। भटवारी ब्लॉक के ऊपर स्थित 50 मीटर तक का राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग दो-तीन मीटर नीचे धंस गया है, जिसके कारण यातायात सामान्य होने में समय लगेगा।

उत्तर प्रदेश में घाघरा और शारदा नदियों के उफान पर आने से लखीमपुर खीरी, बहराइच और बाराबंकी जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। लखीमपुर जिले की पलिया तहसील में शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 153.62 मीटर से 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है।

लखीमपुर खीरी के अपर जिलाधिकारी (वित्त) तुलसीराम ने आईएएनएस को बताया कि अभी बाढ़ का पानी आबादी के आस-पास नहीं पहुंचा है। केवल पलिया तहसील के गोविंदपुर गांव के निकट ही कटान हुआ है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन के अधिकारी पूरे हालात पर नजर रखे हुए हैं।

बहराइच और बाराबंकी में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के निकट पहुंच गया है। बहराइच के जिला आपदा अधिकारी वीरेंद्र पांडे ने आईएएनएस को बताया कि घाघरा का जलस्तर अभी तक खतरे के निशान से नीचे बह रहा है।

उन्होंने कहा कि आदमपुर-रेवली तटबंध पर कटान लगातार कम हुआ है। प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) को सतर्क कर दिया गया है। राज्य के मिर्जापुर जिले में गंगा, आगरा और इटावा में यमुना नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है, हालांकि खतरे के निशान के ऊपर नहीं पहुंचा है। गंगा, यमुना व उसकी अन्य सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण पर्वतीय हिस्से में हो रही भारी बारिश है।

राज्य के तराई, पश्चिमी और मध्य क्षेत्र में सामान्य और तेज बारिश का दौर जारी है। गाजीपुर, धौरहरा, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, मिर्जापुर, इटावा, कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर सहित कई जिलों में गुरुवार को बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान लखनऊ का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पटना समेत बिहार के कुछ हिस्सों में गुरुवार देर रात बारिश होने से मौसम खुशगवार हो जाने से शुक्रवार को लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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