निद्रा के दौरान क्यों प्रभावित नहीं करता बाहरी शोर

लंदन, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कुछ लोगों के आस-पास कितना भी शोर क्यों न हो लेकिन इससे उनकी नींद प्रभावित नहीं होती। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनके दिमाग में शोर को दूर रखने या उससे बचने की क्षमता होती है।

शोधकर्ताओं ने पाया है कि गहरी नींद लेने वाले लोगों में उनके मस्तिष्क तक पहुंचने वाले बाहरी शोर को दूर रखने और सुकूनभरी नींद लेने की क्षमता होती है।

समाचार पत्र 'टेलीग्राफ' में की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक ऐसी प्रणाली की खोज हुई है जो केवल रात के समय काम करती है और आंखें बंद करने जैसी ही होती है। इसमें कानों को बंद करने वाले रासायनिक प्लग बन जाते हैं जो निद्रा के दौरान बाहरी शोर को दिमाग तक नहीं पहुंचने देते।

जर्नल 'करंट बायोलॉजी' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क में उठने वाली तरंगों का अध्ययन किया था। उन्होंने पाया कि नींद के दौरान दिमाग से एक खास प्रकार की तरंगें 'स्पिंडल्स' उठती हैं, जो चेतना को शोर से सहेजती हैं।

अध्ययन में पाया गया है कि जिन लोगों में ये तरंगें ज्यादा बनती हैं उनकी नींद किसी भी प्रकार के शोर के संपर्क में आने पर भी बहुत कम प्रभावित होती है।

हार्वर्ड मेडीकल स्कूल के प्रोफेसर जेफरी एलेनबोगेन कहते हैं कि लोगों को सोने में होने वाली परेशानियों का सबसे बड़ा कारण शोर है और ज्यादातर लोगों की शोर के कारण नींद खराब हो जाने की शिकायत रहती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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