'रूस ने म्यांमार के 4000 परमाणु अधिकारियों को प्रशिक्षित किया'
बैंकाक, 6 अगस्त (आईएएनएस)। रूस ने पिछले दशक के दौरान म्यांमार के 4,185 सैन्य अधिकारियों को परमाणु विज्ञान में प्रशिक्षित किया है। लेकिन केवल कुछ ही अध्येताओं ने इस ऊर्जा स्रोत के सकारात्मक उपयोग को अपनाया है। म्यांमार के एक विद्वान ने शुक्रवार को यह बात कही।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार असंतुष्टों के आरोपों के बाद हाल के वर्षो में म्यांमार की परमाणु महत्वाकांक्षा चिंता का एक विषय रहा है। असंतुष्टों ने यह आरोप लगाया है कि सैन्य सरकार उत्तर कोरिया के सहयोग से परमाणु हथियार विकसित करने को उत्सुक है।
म्यांमार की सैन्य सरकार ने हालांकि दावा किया है कि उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाएं शुद्ध रूप से चिकित्सकीय स्वभाव की हैं।
लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस में रिसर्च फेलो मौंग जारनी ने कहा है कि मास्को में परमाणु संबंधी प्रौद्योगिकियों में अध्ययन करने वाले म्यांमारी स्नातकों में गिने-चुने लोग ही ऐसे हैं, जिनकी पृष्ठभूमि चिकित्सा की रही है। ऐसे में सैन्य सरकार का वह दावा सवालों के घेरे में आ जाता है, जिसमें उसने कहा है कि उसके अधिकारियों ने चिकित्सकीय उद्देश्यों के लिए परमाणु परीक्षण लिया है।
जारनी ने बैंकाक के चुलालोंगकॉर्न युनिवर्सिटी में आयोजित एक संगोष्ठी में कहा, "400 से 600 स्नातकों को प्रति वर्ष रूस भेजा जाता है और उनमें से गिने-चुने अधिकारियों की पृष्ठभूमि चिकित्सा की होती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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