वन भूमि के वनेतर इस्तेमाल के लिए 41 प्रस्ताव
इन प्रस्तावों में वन भूमि का सड़कों, जलविद्युत परियोजनाओं, ट्रांसमिशन लाइनों, स्कूलों के निर्माण, खनन आदि में इस्तेमाल किए जाने के लिए अनुमति मांगी गई है।
रमेश ने लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में बताया कि इनमें से केवल तीन प्रस्ताव प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना (पीएमजीएसवाई) से संबंधित हैं। उन्होंने बताया कि इन 41 परियोजनाओं में से अधिकांश प्रस्ताव वर्ष 2010 में प्राप्त हुए हैं और प्रक्रिया की विभिन्न अवस्थाओं में हैं।
रमेश ने कहा कि वनेतर कार्यो के लिए वन भूमि के उपयोग हेतु केन्द्र सरकार से अनुमोदन प्राप्त होने के पश्चात परियोजना प्रस्तावक, राज्य सरकारों के लिए कुछ निर्धारित शर्तो का अनुपालन करना आवश्यक है। इन शर्तो में एडहॉक काम्पा को प्रतिपूरक वनीकरण का भुगतान, कैचमेंट क्षेत्र का उपचार आदि शामिल हैं।
केन्द्र सरकार द्वारा दिए गए अनुमोदन में निर्धारित शर्तो का अनुपालन करने के लिए परियोजना प्रस्तावकों को पांच वर्ष का समय दिया जाता है।
ज्ञात हो कि अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद केन्द्र सरकार वनेतर कार्यो के लिए वन भूमि के हस्तांतरण हेतु पूर्व अनुमोदन देती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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