कश्मीर हिंसा में 5 मरे, पांच दिन में 27 जान गई (राउंडअप)
ताजा मौत एक युवक की हुई है। वह रविवार को पुलवामा में क्रीव पुलिस चौकी में हुए विस्फोट में बुरी तरह घायल हो गया था। श्रीनगर के एक अस्पताल में मंगलवार शाम उसकी मौत हो गई।
उत्तर कश्मीर के बारामूला में सुरक्षा बलों की गोली से एक किसान घायल हो गया, जबकि दो प्रदर्शनकारी उस समय घायल हो गए, जब मध्य बड़गाम जिले में पुलिस ने कर्फ्यू का उल्लंघन कर रही भीड़ पर गोलीबारी की।
श्रीनगर में मंगलवार को दो युवक मारे गए। एक शहर के बाहरी इलाके में और दूसरा कुलगाम में।
अनीस अहमद (16) की उस समय मौत हो गई, जब सुरक्षा बलों ने श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक भीड़ पर गोलीबारी की।
एक पुलिस अधिकारी ने यहां कहा, "अनीस अहमद की उस समय मौत हो गई, जब ईदगाह इलाके में भीड़ ने कर्फ्यू का उल्लंघन किया और सुरक्षा बलों ने हालात पर नियंत्रण करने के लिए गोलीबारी की।"
अहमद की मौत के बाद ईदगाह इलाके में उसकी शवयात्रा निकाली गई। शवयात्रा के दौरान किसी प्रकार की हिंसक घटना रोकने के लिए अधिकारियों ने शवयात्रा के मार्ग से सुरक्षाबलों को पूरी तरह हटा लिया।
इससे पहले मेहराज-उद-दीन नामक 23 वर्षीय युवक की मौत श्रीनगर के लालचौक से छह किलोमीटर दूर बरथाना इलाके में हुई।
कुलगाम में एक पुलिस चौकी के करीब हिंसक हुई भीड़ पर पुलिस की गोलीबारी में मोहम्मद जब्बार की मौत हो गई।
इसके अलावा उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षाबलों की कथित गोलीबारी में एक किसान घायल हो गया वहीं बड़गाम जिले के सीखपोरा इलाके में पुलिस की गोलीबारी में दो प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।
बारामूला के रंगवार गांव में सुरक्षाबलों की गोली से गंभीर रूप से घायल हुए किसान की पहचान मुहम्मद अकबर (45) के रूप में हुई है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जब अकबर अपने धान के खेत में काम कर रहा था तब यहां से गुजर रहे सुरक्षाबलों ने उस पर गोली चलाई।
अकबर को इलाज के लिए श्रीनगर लाया गया है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, "कर्फ्यू वाले इलाकों में लगातार घोषणा की जा रही है कि लोग सड़कों पर न निकलें लेकिन इसके बावजूद सीखपोरा इलाके में लोगों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया।"
पुलिस अधिकारी ने कहा कि पथराव के चलते हुई गोलीबारी में दो प्रदर्शनकारी घायल हुए जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने दोनों को खतरे से बाहर बताया है। इन लोगों को पैरों में चोट लगी है।
अलगाववादी नेता सैय्यद अली गिलानी ने शेर-ए-कश्मीर अस्पताल से मंगलवार को एक शांतिपूर्ण रैली निकालने की घोषणा की थी। गिलानी इस अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने इस रैली की मंजूरी नहीं दी है।
गिलानी ने सोमवार को कहा था कि वह इस रैली का नेतृत्व करेंगे और रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगी। अधिकारियों ने हालांकि श्रीनगर शहर और घाटी के प्रमुख कस्बों में कर्फ्यू जारी रखा है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात करके लौटे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को श्रीनगर में एक बैठक आयोजित की।
इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए।
सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच 11 जून से चल रहे इस संघर्ष में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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