निहिता ने अदालत की अवमानना का नोटिस स्वीकार किया
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 3 अगस्त (आईएएनएस)। चार्ल्स शोभराज को हत्या के आरोप से बरी कराने में विफल होने के बाद अदालत की अवमानना का सामना कर रही शोभराज की नेपाली पत्नी निहिता विश्वास और मां शकुंतला थापा ने सर्वोच्च न्यायालय के अधिकारियों से मंगलवार को मुलाकात कर नोटिस स्वीकार कर लिया। शकुंतला थापा शोभराज की वकील भी हैं।
अब दोनों मां-बेटी को शुक्रवार तक अदालत में अपना लिखित बयान जमा कराना है। दोनों ने 30 जुलाई को अदालत परिसर में उस समय अपना आपा खो दिया था, जब न्यायाधीश द्वय, राम कुमार प्रसाद शाह और गौरी धाकल ने अपना फैसला उनकी उम्मीदों के विपरीत दिया था।
थापा और निहिता ने न्यायाधीशों को भ्रष्ट करार दिया था। इस पर राजन अधिकारी और शांता सेधाई नामक दो वकीलों ने अदालत की अवमानना के लिए याचिका दायर की थी।
एक असाधारण कदम के तहत न्यायाधीश शाह ने दोनों वकीलों की याचिका पर सुनवाई की। शाह ने आदेश दिया कि यदि दोनों महिलाएं 72 घंटे के भीतर अपना पक्ष नहीं जमा कर पाती हैं तो दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाए।
अदालत के इस आदेश पर दोनों मां-बेटी तनाव में आ गईं। थापा ने कहा कि निहिता की ओर से उसका पक्ष रखने के उनके निवेदन को अदालत के अधिकारियों ने खारिज कर दिया।
थापा ने आईएएनएस से कहा, "मेरी बेटी कम उम्र की है, उसने यह सब कुछ नहीं कहा था। वह शुक्रवार को अदालत में लगभग बेहोश हो गई थी और तभी से अस्वस्थ है। मैं चाहती थी कि उसे इस बार अदालत में पेश होने से राहत मिल जाए। लेकिन मुझसे कहा गया कि उसे खुद आकर अपनी सफाई देनी होगी।"
सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता थापा ने कहा कि उन्हें इसका कुछ भी अंदाजा नहीं है कि अपनी सफाई पेश करने के बाद क्या होगा।
थापा ने कहा, "हम इसका सामना करेंगे। लेकिन अवमानना का नोटिस मुझे शोभराज के मामले से अलग नहीं कर सकेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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