दूसरों के प्रति राय से पता चलता है स्वयं का व्यक्तित्व
वेक फॉरेस्ट विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर व अध्ययनकर्ता डस्टिन वुड कहते हैं, "दूसरों के बारे में आपकी धारणाएं खुद आपके व्यक्तित्व के बारे में बहुत से खुलासे करती हैं।"
वेक फॉरेस्ट द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति के मुताबिक शोधकर्ताओं ने दूसरों के सकारात्मक आकलन और आपकी खुशी, दयालुता, मिलनसारिता, भावनात्मक स्थायित्व और खुद को परिभाषित करने की क्षमता व दूसरों से व्याख्यायित होने के बीच संबंध खोजा है।
यह अध्ययन 'जर्नल ऑफ पर्सनालिटी एंड सोशल साइकोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है। नीब्रास्का विश्वविद्यालय के पीटर हार्म्स और सेंट लुईस स्थित वाशिंगटन विश्वविद्यालय की सिमिनी वैजिर इसके सह-अध्ययनकर्ता है।
अध्ययन में यह भी पाया गया है कि आप जितने सकारात्मक ढंग से दूसरों को देखते हैं उससे यह पता चलता है कि आप खुद अपनी जिंदगी से कितने संतुष्ट हैं और दूसरे लोग आपको कितना पसंद करते हैं।
इसके विपरीत दूसरों के बारे में नकारात्मक सोच आपके अहंकार और असामाजिक व्यवहार से जुड़ी होती है।
वुड कहते हैं कि दूसरों के बारे में नकारत्मक सोच रखने से व्यक्तित्व संबंधी कई विकार हो सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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