संप्रग के दूसरे कार्यकाल में स्थिति विकट: शरद
'अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीति का दबाव और आम आदमी पर इसका प्रतिकूल प्रभाव' विषय संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए शरद ने कहा, "संप्रग के दूसरे कार्यकाल में स्थिति और विकट हुई है। सरकार में शामिल लोग इसे जानते हैं लेकिन कुछ ठोस कदम नहीं उठा पा रहे। ऐसी भी क्या मजबूरी है कि ये लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।"
महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने के साथ ही शरद ने सदन में सत्ता पक्ष के लोगों की भारी अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "हम महंगाई पर चर्चा कर रहे हैं और सदन में हाजिरी बिगड़ी हुई है। प्रणब मुखर्जी भी सदन में नहीं हैं। उन्हें होना चाहिए क्योंकि वह सदन के नेता हैं।"
अनुपस्थिति के संदर्भ में शरद की टिप्पणी पर केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा, "यह जरूरी नहीं है कि सदन में हर वक्त सभी मंत्री मौजूद रहें। जहां जरूरी होगा, उसका जवाब दिया जाएगा।"
शरद ने भ्रष्टाचार और राष्ट्रमंडल खेलों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा, "आज पूरे में देश में भ्रष्टाचार चरम पर है। राष्ट्रमंडल खेलों में घोटाला हो रहा है। सच्चाई यह भी है कि इस घोटाले में शामिल कोई व्यक्ति नहीं पकड़ा जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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