कश्मीर हिंसा में मरने वालों की संख्या 19 हुई
पुलिस ने कहा कि दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में काकपोरा रेलवे स्टेशन पर हिंसक भीड़ ने हमलाकर उसे जलाने की कोशिश की।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "भीड़ को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप किया। लाठीचार्ज करने और आंसू गैस के गोले छोड़ने के बाद भी भीड़ पर नियंत्रण नहीं पाया तो गोलीबारी करनी पड़ी। इस घटना में एक प्रदर्शनकारी मुहम्मद याकूब भट्ट की मौत हो गई जबकि एक घायल हो गया।"
घायल प्रदर्शनकारी को इलाज के लिए श्रीनगर लाया गया है।
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के संगम गांव में एक और प्रदर्शनकारी बशीर अहमद रेशी की मौत हो गई। वहां पर एक हिंसक भीड़ दिल्ली पब्लिक स्कूल के भवन को जलाने की कोशिश कर रही थी, जिस कारण सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी।
इसके अलावा दक्षिणी कश्मीर के ही कुलगाम शहर में आसपास के ग्रामीणों ने कर्फ्यू तोड़ दिया जिस कारण सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की जिसमें एक और युवक आशिक हुसैन भट्ट की मौत हो गई।
कुपवाड़ा जिले के क्रालपोरा गांव में चौथे युवक की मौत हुई। वहां पर भीड़ पथराव कर रही थी। सुरक्षा बलों द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों पर काबू नहीं पाया जा सका। इस कारण सुरक्षाबलों को गोलीबारी करनी पड़ी, जिसमें खुर्शीद अहमद नामक युवक की मौत हो गई।
उधर, दक्षिणी कश्मीर के बारामूला में आंसू गैस के गोले की चपेट में आकर 31 जुलाई को घायल हुए ताहिर अहमद नाम के युवक की सोमवार को एक अस्पताल में मौत हो गई।
इस तहर शुक्रवार से घाटी में हिंसा की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है।
कर्फ्यू के बावजूद घाटी में कई जगहों पर भीड़ ने प्रदर्शन किया और भारत विरोधी नारे लगाए। भीड़ ने कई स्थानीय सरकारी कार्यालयों के दफ्तर में आग लगा दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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