मुजफ्फरनगर में 15 गांव बाढ़ की चपेट में (फोटो सहित)
उत्तराखण्ड में लगातार बारिश का असर सीमावर्ती जिले मुजफ्फरनगर के पुरकाजी व मोरना क्षेत्र में भी बढ़ रहा है। गंगा का अधिक पानी सोलानी नदी में छोड़ देने से उसका जलस्तर उफान पर है। पुरकाजी ब्लॉक के गांव चमरावाला, अलमवाला, जिन्दावाला, छुम्मनपरी, शेरपुर, नंगला, रामनगर, रजाक कलांपुर, पाचंली, खेडकी, चानचक आदि दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में है।
इन गांवों की 6 हजार बीघा फसलें बर्बाद हो गई हैं। बाढ़ के कारण बिजली व्यवस्था भी ठप्प है। क्षेत्र के नायब तहसीलदार हरस्वरूप सिंह के अनुसार ग्रामीणों के लिए नाव की व्यवस्था की गई है।
मोरना ब्लॉक के भी 12 किलोमीटर क्षेत्र में हजारों बीघा गन्ना, चारा व धान की फसल खराब हो गई है। गांव इच्क्षावाला के 40 परिवार व बिजनौर जनपद की सीमा के गांव भगवतीपुर के 50 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
सोलानी नदी के पानी से बाढ़ के कारण बिहारीगढ़ गांव के घरों में पानी घुस गया है। लाडपुर, लतीफपुर, जलालपुर, मीरावाला, धारीवाला, सीमला, कोहरपुर, राजरामपुर, गीदडपुरा, रावली सहित बिजनौर जनपद के सीमा वाले गांव भारी बाढ़ की चपेट में है।
शुक्रताल तीर्थस्थल में बनी धर्मशाला मंदिर व गांव शुक्रताल बाढ़ की चपेट में है। ग्रामीण भैंसा, बग्गी व ट्यूब की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं।
प्रशासन की ओर से अभी राहत कार्य युद्ध स्तर पर शुरू नहीं हुआ है। रामराज में भी अलर्ट घोषित किया गया है। बैराज का वाटर जलस्तर खतरे के निशान के करीब 219.50 मीटर पर पहुंच गया है। जबकि 220.00 मीटर खतरे का निशान है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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