फ्रेंडशिप डे हमले में 5 गिरफ्तार, 10 पुलिसकर्मी निलंबित (लीड-1)
इस मामले को लेकर विपक्ष द्वारा जारी शोरशराबे के बीच राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने विधानसभा में इस निर्णय की घोषणा की।
राज्य के गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने सदन में कहा, "10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और सोमवार को पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में कुछ अन्य लोगों की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।" विपक्ष इस मुद्दे पर गृह मंत्री कंवर के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
कांग्रेसी विधायकों ने शून्य काल के दौरान सदन में नारेबाजी की और एक स्थानीय समाचार पत्र में छपे उन चित्रों को दिखाया, जिनमें विभिन्न होटलों और पार्को में फ्रेंडशिप डे मना रहे लड़के-लड़कियों की 'धर्म सेना' के कार्यकर्ताओं ने पिटाई की थी।
कांग्रेसी विधायकों ने इस घटना को राज्य सरकार की 'सांप्रदायिक मानसिकता' करार दिया है, क्योंकि यह सब पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में हुआ था।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस घटना की साजिश भाजपा के गुंडों द्वारा रची गई थी। इसके बाद गृह मंत्री को पुलिस कर्मियों के निलंबन की घोषणा करनी पड़ी।
कांग्रेसी विधायकों ने यह कहते हुए विधानसभा से बहिर्गमन किया, कि 'धर्म सेना' और 'बजरंग दल' की हरकतें पुलिस की उपस्थिति में लड़कियों को अपमानित करने की कार्रवाई थी। 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 39 विधायक हैं।
विपक्ष के नेता रवींद्र चौबे के नेतृत्व में कांग्रेसी विधायकों ने कहा कि 'धर्म सेना' और 'बजरंग दल' के कार्यकर्ताओं की कार्रवाई अति खेदजनक है, क्योंकि उन्होंने रविवार को रेस्तरांओं में खाना खा रहे भाइयों और बहनों तक की पिटाई की।
सदन में उपस्थित मुख्यमंत्री रमन सिंह भारी शोरशराबे के बीच उस समय भी चुप बैठे रहे, जब कांग्रेसी सदस्यों ने गृह मंत्री को एक 'असहाय मंत्री' करार दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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