उत्तर भारत में बारिश, हरियाणा में बाढ़ (राउंडअप)
उत्तर भारत के दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश होने से तापमान में कमी आई है, जिससे मौसम खुशगवार हो गया। वहीं हरियाणा में बारिश ने लोगों को बेहाल कर दिया। यमुनानगर जिले में करीब 60 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। उधर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में वर्षा की वजह से कई गांवों के जलमग्न होने की जानकारी भी मिली है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक देश में चित्तौड़गढ़ में सबसे अधिक 13 सेमी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा मंगलौर और महाबलेश्वर में नौ सेमी, चुरु, भीरा और शाजपुर में सात सेमी बारिश दर्ज की गई है। दिल्ली के सफदरजंग में छह सेमी और डिब्रूगढ़, अमरावती, चेरापूंजी, सूरत और रीवा में पांच सेमी बारिश दर्ज की गई है।
दिल्ली में लगातार दूसरे दिन रविवार को भी मूसलाधार बारिश जारी रही। इसकी वजह से उमस भरी गर्मी से बेहाल लोगों को राहत मिली। हालांकि शनिवार की तरह वाहन चालकों को यातायात समस्याओं से रूबरू नहीं होना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को हुई बारिश के कारण दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के नियंत्रण कक्ष को शहर के विभिन्न इलाकों से जल जमाव की 94 शिकायतें, पेड़ गिरने संबंधी 20 और मकान ध्वस्त होने के पांच शिकायतें मिली थी।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में शनिवार को 62.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की थी। इस मानसून के दौरान शहर में अभी तक 306.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो औसत से सात फीसदी अधिक है।
मूसलाधार बारिश के कारण हरियाणा के यमुनानगर जिले में कई छोटी नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने से करीब 60 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। जिले के अधिकारियों ने रविवार को कहा कि छछरौली और बिलासपुर उपमंडलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
यमुनानगर के उपायुक्त अशोक सांगवान ने आईएएनएस से कहा, "भारी वर्षा के कारण यमुनानगर में सोम और पथराला नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इससे समीप के निचले इलाकों के गांवों को खतरा पैदा हो गया है। परंतु घबराने की आवश्यकता नहीं है, हम स्थिति पर बराबर निगाह रखे हुए हैं।"
यमुना नदी का पानी भी शनिवार को 90,000 क्यूसेक के चेतावनी के स्तर पर पहुंच गया, लेकिन सांगवान ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि यमुना का जलस्तर पिछले कुछ घंटों में कम हुआ है। जलस्तर के 1.10 लाख क्यूसेक पर पहुंचने पर ही बाढ़ की आशंका होगी।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चण्डीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश, राजस्थान में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश, असम , मेघालय तथा कोंकण और गोवा में भी मध्यम से लेकर तेज बारिश हो सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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