जयपुर के जंतर-मंतर को मिला वर्ल्ड हैरिटेज का दर्जा
पर्यटन राज्य मंत्री बीना काक ने रविवार को बताया कि जंतर-मंतर को इस सूची में शामिल कराने के लिए पिछले डेढ़ साल से कवायद चल रही थी। राज्य का यह दूसरा अजूबा है जिसे इस सूची में स्थान मिला है। इससे पहले घाना पक्षी अभ्यारण्य को प्राकृतिक सौंदर्य स्थल के तौर पर इस सूची में शामिल किया गया था।
एक अगस्त को जारी इस सूची में सउदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान, माशर्ल आयलैंड और कोरिया से भी धरोहर चुने गए हैं।
बीना काक ने बताया कि जंतर-मंतर को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल होने से जयपुर शहर पर्यटन के विश्व मानिचत्र पर आ गया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद केंद्र से भी कई तरह की रियायतें मिलेंगी। कल्चरल हेरिटेज साइट के रूप में यूनेस्को की सूची में शामिल होने वाला प्रदेश का यह पहला स्थल है। देश में यह 28 वां है। यूनेस्को में दुनिया भर से 39 प्रविष्टियां आई थीं जिनमें से छह का चयन किया गया, इनमें से दो भारत के हैं।
जयपुर के तत्कालीन महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने देश में 18 वीं शताब्दी में नई दिल्ली, वाराणसी, जयपुर और उज्जैन में जंतर-मंतर का निर्माण करवाया था। वर्तमान में सिर्फ जयपुर का जंतर-मंतर बेहतर स्थिति में है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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