आस्ट्रेलिया में भारतीय पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप
समाचार पत्र 'सिडनी मॉर्निग हेराल्ड' के अनुसार त्रिबेणी और काशी रेस्तरां व एक भारतीय कंपनी 'साईं बोस प्राइवेट लिमिटेड' के मालिक व निदेशक अरुण बोस ने अपने पूर्व रसोइए नंदलकुमारन कृष्णकांत से स्थाई निवास संबंधी दस्तावेज तैयार करने के लिए 1,300 से 12,000 डॉलर की मांग की थी।
कृष्णकांत ने कार्यस्थल संबंधी मामलों पर निगरानी रखने वाले अधिकरण फेयर आस्ट्रेलिया को बताया कि इस धन के बदले बोस योग्ता संबंधी फर्जी प्रमाण पत्र जमा करेगा कि उक्त श्रमिक ने स्थाई निवासी बनने के लिए जरूरी 900 घंटे काम करने का अनुभव हासिल कर लिया है।
कृष्णकांत ने कहा कि बोस ने आवेदन प्रक्रिया में बेहतर अनुभव प्रमाण पत्र लगाने के लिए भी धन मांगा।
कृष्णकांत ने बताया, "बोस ने कहा है कि मुझे 1,300 डॉलर चाहिए। तभी मैं रसोइए के रूप में बेहतर काम करने का प्रमाण पत्र दूंगा।"
अधिकरण के उपाध्यक्ष पीटर सैम ने कहा कि आवेदन में दर्ज आकड़े संदिग्ध हैं और पिछली तारीखों में दर्ज किए गए हैं।
बोस ने आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं हुआ है और बतौर निदेशक उन्होंने सारे नियमों का पालन किया है।
बोस ने पिछले साल अपनी एक कंपनी बेच दी थी, जो अब दिवालिया हो चुकी है।
इस मामले को प्रवासी मामलों की निगरानी करने वाले विभाग को भेज दिया गया। जिसकी छानबीन चल रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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