कश्मीर में फिर हिंसा भड़की, दर्जनों घायल
जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में अलगाववादियों के बंद के आह्वान के कारण जनजीवन ठप्प हो गया। शहर के मुख्य भागों में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी गलियों में निकल आए।
सुरक्षा उपायों के तहत लगाए गए प्रतिबंध के पालन के लिए अधिकारियों ने पुराने शहर एवं सिविल लाइन इलाकों में सुबह से ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया था। श्रीनगर तथा घाटी के अन्य शहरों में सरकारी दफ्तर, बैंक, शैक्षणिक संस्थाएं एवं दुकानें बंद रहीं।
सैयद अली गिलानी के नेतृत्व वाली हुर्रियत कांफ्रेंस ने लोगों से अपील की कि वे घाटी में मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरोध में सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करें।
ऊपरी इलाकों रामबाग और नाटीपोरा में सैकड़ों युवक गलियों से निकल आए। उन्होंने पत्थरबाजी की और टायर जलाए। उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसूगैस का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने बताया कि भीड़ ने प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए चलते वाहनों और सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके।
क्रालपोरा, चकपोरा, सईदाकदल, और टंकीपोरा इलाकों में भी भीड़ ने सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।
शाम को उच्चस्तरीय बैठक कर कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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