सुरक्षा पर फिक्की के साथ कार्यदल गठित करेगा गृह मंत्रालय
"आंतरिक सुरक्षा के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" विषय पर गृह मंत्रालय के सहयोग से गुरुवार को फिक्की द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में इस कार्यदल के गठन का प्रस्ताव रखा गया।
फिक्की के महासचिव अमित मित्रा ने सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिए आंतरिक सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का विकास करने के लिए संयुक्त कार्यदल गठित करने का प्रस्ताव दिया।
इस प्रस्ताव से उत्साहित आंतरिक सुरक्षा विशेष सचिव यू. के. बंसल ने कहा, "यह बेहतरीन सुझाव है। यदि फिक्की उद्योग और अंतिम उपयोगकर्ता (सुरक्षा बल) के बीच सेतु का काम कर सकती है तो यह एक स्वागत योग्य प्रस्ताव है, हम इस पर काम करेंगे।"
आंतरिक सुरक्षा के लिए आधारभूत संरचना से जुड़े मुद्दों पर आधारित इस दो दिवसीय सम्मेलन में आतंकवाद, नक्सलवाद, हिंसा, उग्रवाद, मादक पदार्थो की तस्करी, साइबर हमले और सुरक्षा के अन्य मसलों पर चर्चा हुई।
बंसल ने कहा कि निजी और सार्वजनिक भागीदारी को ज्यादा सक्रिय बनाना चाहिए और इसके जरिए देश में आंतरिक सुरक्षा के खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा के और ज्यादा स्तर निर्मित किए जाने चाहिए।
रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी के वैज्ञानिक सलाहकार वी. के. सारस्वत ने कहा कि परंपरागत युद्ध के बजाय अब गैर परंपरागत और कम तीव्रता वाले युद्ध भारत की चुनौती बन गए है, इनसे निपटने के लिए हमें अपनी रणनीतियों में परिवर्तन की जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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