आईएसआई की भूमिका के बारे में भारत ने ब्रिटेन को याद दिलाया

भारत ने इस बात को रेखांकित किया कि तालिबान के साथ किसी भी तरह का मेल-मिलाप अफगानिस्तान के नेतृत्व में और अफगानिस्तान द्वारा संचालित होना चाहिए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने यहां संवाददाताओं को बताया, "ब्रिटेन भारत के लिए एक बहुत ही मूल्यवान वार्ताकार है। भारत, अफगानिस्तान सरकार द्वारा किए जा रहे उन तत्वों के साथ मेल-मिलाप के प्रयास का समर्थन करता है, जो हिंसा त्याग कर अफगानिस्तान के संविधान को स्वीकार करने को तैयार हैं।"

विष्णु प्रकाश ने कहा, "हम यह भी चाहते हैं कि इस तरह की कोई भी पहल अफगान नेतृत्व में और अफगानिस्तान द्वारा संचालित होना चाहिए।"

प्रकाश इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के बीच गुरुवार की बातचीत में अफगानिस्तान और पाकिस्तान से संबंधित मुद्दे उठाएं जाएंगे। कैमरन दो दिवसीय भारत के दौरे पर हैं।

ब्रिटेन तालिबान को अफगानिस्तान की मुख्य धारा में शामिल किए जाने का प्रबल समर्थक है। इससे संबंधित एक प्रस्ताव इस वर्ष जनवरी में लंदन में हुए एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में लाया गया था। इस प्रस्ताव को पिछले सप्ताह काबुल में संपन्न हुए वैश्विक सम्मेलन में भी पेश किया गया था।

कैमरन मंगलवार की रात बेंगलुरू पहुंचे हैं। वह नई दिल्ली में गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ कई सारे मुद्दों पर शिष्टमंडल स्तर की बातचीत में हिस्सा लेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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