महँगाई पर सरकार को घेरने की तैयारी

मंगलवार को संसद में हंगामा होने की उम्मीद की जा रही है. संसद में महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष काम रोको प्रस्ताव लाने पर अड़ा हुआ है.
दूसरी ओर सरकार भी झुकने को तैयार नज़र नहीं आ रही है. उसने विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा से साफ़ इनकार कर दिया है.
सोमवार को संसद के दोनों सदन अपने दिवंगत सदस्यों राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के वीरेंद्र भाटिया और लोकसभा में निर्दलीय दिग्विजय सिंह को श्रद्धांजलि देकर स्थगित हो गए.
विपक्ष का कहना है कि महंगाई पर सरकार के दो प्रमुख सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक भी उनके साथ है.
भाजपा नेता सुषमा स्वराज का भी कहना था कि पार्टी महँगाई के मुद्दे को जोरशोर से उठाएगी.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुरदास दासगुप्ता ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि असली मुद्दा महंगाई है.
गुरदास दासगुप्ता का कहना था,''आवश्यक वस्तुओं और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि के साथ पेट्रोल के मूल्य को नियंत्रण मुक्त करने के विषय को संसद में जोरशोर से उठाया जाएगा और इस विषय पर विपक्ष की ओर से कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया जाएगा.''
विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि अगर सरकार इन विषयों पर चर्चा कराने को तैयार होगी तो सदन की कार्यवाही में पूरा सहयोग करेंगे.
प्रेक्षकों का कहना है कि सरकार इन विषयों पर विपक्ष को बहुत ज्यादा बोलने का मौक़ा देना नहीं चाहेगी.
गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह की गिरफ़्तारी और महिला आरक्षण विधेयक जैसे मुद्दे सरकार के पास हैं, लेकिन ये कितना प्रभावी होंगे, ये कहना मुश्किल है.












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