भारत, म्यांमार के बीच 5 समझौतों पर हस्ताक्षर
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। भारत ने ऊर्जा संपन्न म्यांमार के साथ आतंक के खिलाफ लड़ाई सहित व्यापक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किया।
समझौतों के पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत दौरे पर आए म्यांमार के सैन्य शासक, सीनियर जनरल थान श्वे के साथ आतंक के खिलाफ लड़ाई में सहयोग, ऊर्जा सहयोग में मजबूती और विकास संबंधी परियोजनाओं में सहयोग सहित व्यापक मुद्दों पर बातचीत की।
इन समझौतों में वह संधि भी शामिल है, जिसके तहत दोनों देश आपराधिक मामलों में आपसी कानूनी सहयोग करेंगे। यह समझौता पूर्वोत्तर के आतंकियों तक पहुंचने में भारत को सक्षम बनाएगा, क्योंकि पूर्वोत्तर के आतंकी भारत-म्यांमार के बीच 1,650 किलोमीटर लंबी सीमा पर शरण लेते हैं।
इस समझौते का मकसद सीमा के आरपार संगठित अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थो की तस्करी, आर्थिक धोखाधड़ी और हथियारों व विस्फोटकों की तस्करी रोकने में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देगा।
बातचीत के दौरान सीमा के आरपार संपर्क बढ़ाने और अधोसंरचना विकास में सहयोग बढ़ाने का मुद्दा भी प्रमुखता के साथ उठा।
दोनों पक्षों ने छोटी विकास परियोजनाओं, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा सूचना सहयोग के क्षेत्रों में भी समझौतों पर हस्ताक्षर किया।
मध्य म्यांमार के बागान स्थित आनंद मंदिर के जीर्णोद्धार में भारतीय सहयोग के लिए भी एक आपसी समझौते पर हस्ताक्षर किया गया। यह म्यांमार का प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर और प्रमुख पर्यटक स्थल है।
थान श्वे पांच दिवसीय दौरे पर रविवार को भारत आए थे। उन्होंने बिहार के बोध गया स्थित महाबोधि मंदिर में पूजा अर्चना की। भारत सरकार ने थान श्वे का शानदार स्वागत किया।
थान श्वे का मंगलवार सुबह राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। उन्होंने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से मुलाकात की। उसके बाद वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ वार्ता के लिए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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