कर्ज पर ब्याज दरों में वृद्धि होगी
मुंबई, 27 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अपनी प्रमुख ब्याज दरों में वृद्धि किए जाने के कारण अगले कुछ महीनों में आवास एवं ऑटोमोबाइल्स क्षेत्र के लिए कर्ज पर ब्याज दरों में वृद्धि हो सकती है।
देश के सबसे बड़े ऋण प्रदाता भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष ओ. पी. भट्ट ने कहा, "दरों में वृद्धि की स्थितियां जरूर बनी हैं हालांकि अभी यह कर्ज की मांग की स्थिति पर निर्भर है। अलग-अलग बैंकों की अलग-अलग स्थितियां हैं। फिलहाल बैंक इस वृद्धि को झेल सकते हैं।"
भट्ट ने कहा, "दरों में वृद्धि के मामले पर हम स्थितियों पर विचार कर रहे हैं। हम आज और कल इस पर विचार करेंगे।" उन्होंने कहा कि यदि आरबीआई ने सीआरआर बढ़ाया होता तो दबाव काफी ज्यादा होता।
रिजर्व बैंक ने मंगलवार को जारी मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.75 प्रतिशत और रिवर्स रेपो दर 50 आधार अंक बढ़ाकर 4.50 प्रतिशत कर दी है।
आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर ने कहा, "आपूर्ति के लिए मुद्रा की अतिरिक्त तरलता खत्म हो चुकी है। लेकिन यह भी देखना जरूरी होगा कि जुलाई में बाकी रहे बड़े प्रतिदानों के चलते मुद्रा तरलता की स्थिति क्या रुख लेती है। सरकार के खर्चो में तेजी से वृद्धि हो रही है जिससे तरलता में भी वृद्धि होगी।"
कोचर ने कहा, "मैं महसूस करती हूं कि निकट भविष्य में आप कर्ज पर दरों में वृद्धि नहीं देखेंगे लेकिन कुछ समय बाद आप इसे देखेंगे।"
आरबीआई मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि कर्ज की मांग में वृद्धि के चलते कर्ज पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
सुब्बाराव ने कहा, "कर्ज की मांग बढ़ रही है, हमें उम्मीद है कि कर्ज और जमाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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