पंजाब में करोड़ों का गेहूं बर्बाद
बानी (हरियाणा), 27 जुलाई (आईएएनएस)। अधिकारियों की उदासीनता के चलते हरियाणा के सिरसा जिले के बाढ़ प्रभावित बानी गांव में करोड़ों रूपये मूल्य की गेहूं की तकरीबन 200,000 बोरियां बर्बाद हो गईं।
चण्डीगढ़ से करीब 300 किलोमीटर दूर बानी में स्थित राज्य सरकार का गोदाम अधिकारियों की उदासीनता की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। इससे न सिर्फ करोड़ों रुपये का खाद्यान्न नाले में बह गया बल्कि इसके सड़ने से गांव के आसपास का वातावरण भी प्रदूषित हो चुका है।
जिले के एक अधिकारी ने बताया कि 17 जुलाई को घग्गर नदी के बांध में दरार के चलते आई बाढ़ से 100,000 क्विंटल गेहूं का नुकसान हुआ। इससे करीब 10 से 15 करोड़ रुपये के नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है।
जिले के अधिकारियों के साथ उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के एक केंद्रीय दल ने बानी के गोदाम का रविवार को निरीक्षण किया।
करीब 3 से 5 फीट पानी में डूबे गोदाम के निरीक्षण के बाद दल के प्रमुख जितेंद्र नारायण ने कहा, "दल ने नुकसान का जायजा लिया है और इस पर एक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।"
गांव और गोदाम से पानी निकलने से पहले ही इस भारी नुकसान की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने का खेल शुरू हो गया है।
सिरसा के उपायुक्त सी. जी. रजनीकांत और गांववालों का कहना है कि 11 जुलाई को बाढ़ के बारे में चेतावनी जारी कर दी गई थी।
रजनीकांत ने बताया, "हमने 11 जुलाई को नोटिस जारी कर दिया था। हमने उनसे सब कुछ खाली कर देने के लिए कहा था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह उनकी जिम्मेदारी थी।"
एक ग्रामीण बलदेव सिंह ने कहा कि अधिकारियों ने यदि पहले प्रयास किया होता तो कुछ किया जा सकता था।
राष्ट्रीय आपदा राहत बल के सहायक कमांडेंट सुरेश तारिया ने कहा, "गेहूं पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। यदि अधिकारी पहले सचेत होते तो हम कुछ मदद कर सकते थे।"
लेकिन गोदाम के प्रभारी का कहना है कि उन्हें 16 जुलाई तक भंडार को कहीं और ले जाने का आदेश प्राप्त नहीं हुआ था और जब बाढ़ का पानी वहां पहुंच गया तो उनके पास समय और संसाधन नहीं थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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