नियामकों के बीच विवाद निपटाने के लिए विधेयक पेश
लोकप्रिय निवेश एवं बीमा उत्पाद यूनिट लिंक्ड इंश्योरेश प्लान (यूलिप) पर भारतीय प्रतिभूति एवं बाजार नियामक बोर्ड (सेबी) और भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) के बीच विवाद सार्वजनिक होने के बाद यह अध्यादेश लाया गया था।
मुखर्जी ने कहा कि प्रतिभूति एवं बीमा कानून (संशोधन एवं अभिपोषण) विधेयक 2010 के अंतर्गत नियामकों को भविष्य में विवाद की स्थितियों से बचाने के लिए जरूरी प्रावधान किए गए हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि विधेयक के जरिए नियामकों के बीच विवादों के निपटारे के लिए एक संयुक्त तंत्र स्थापित किया जाएगा। इस विधेयक के जरिए स्थापित की जाने वाली एक समिति भविष्य में निवेश या वित्तीय साधनों से संबंधित सभी मामलों में आईआरडीए, सेबी, आरबीआई और एफपीआरडीए आदि नियामकों के बीच विवाद निपटाने का काम करेगी।
इस काम के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम 1934, बीमा अधिनियम 1938, भारतीय प्रतिभूति एवं बाजार नियामक बोर्ड अधिनियम 1992 में भी संशोधन की जरूरत होगी।
इस समिति के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होंगे। रिजर्व बैंक के गवर्नर, वित्त सचिव, बीमा विकास प्राधिकरण के सचिव (वित्त सेवाएं) एवं अध्यक्ष, सेबी और एफपीआरडीए इसके सदस्य होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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