सोरेन के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका मंजूर
22 मई, 1994 को जब झा की हत्या हुई थी, उस समय वह सोरेन के निजी सचिव के रूप में काम करते थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2008 में इस मामले से सोरेन को बरी कर दिया था।
न्यायाधीश अल्तमस कबीर और न्यायमूर्ति ए.के.पटनायक की खण्डपीठ ने इस याचिका के पेश किए जाने के तत्काल बाद इसे स्वीकार कर लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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